इटारसी। न्यू ग्रेन एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन इटारसी ने 14 अक्टूबर को सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना को लेकर कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए ‘व्यापारियों के कॉलर पकडऩे’ वाले बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
यूनियन के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने मुख्यमंत्री के बयान को एक कृषि प्रधान राज्य के मुखिया के लिए अशोभनीय बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस प्रकार की ओछी बयानबाजी करने के बजाय सरकार की सोयाबीन भावांतर योजना की नीति और नीयत स्पष्ट करनी चाहिए।
यूनियन के सचिव हिमांशु अग्रवाल बाबू ने मुख्यमंत्री के इस बयान को किसान और व्यापारियों को आपस में लड़वाने वाला बयान करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बयान का परिणाम आज नीमच और खंडवा मंडियों में देखने को मिला।
अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार अंग्रेज़ शासन जैसी ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाती है, तो व्यापारी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारी माल की गुणवत्ता और बाजार मूल्य का सही आंकलन करके, अपने स्वाभिमान के साथ ही व्यापार करेगा।








