इटारसी। वर्धमान पब्लिक स्कूल के कक्षा सातवीं से ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों ने इटारसी के समीप स्थित ताकू फायरिंग रेंज का एक प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण किया। इस विजिट का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की सुरक्षा और सैन्य हथियारों के निर्माण व परीक्षण प्रक्रिया से अवगत कराना था। ताकू वह महत्वपूर्ण केंद्र है जहां ऑर्डनेंस फैक्ट्री में निर्मित हथियारों की प्रारंभिक टेस्टिंग की जाती है, जिन्हें बाद में भारतीय सेना को सौंपा जाता है।
हथियारों की कार्यप्रणाली और टैंक की सवारी
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को फायरिंग रेंज का विस्तृत दौरा कराया गया। सैन्य अधिकारियों ने बच्चों को हथियारों की कार्यप्रणाली, उनकी रेंज और परीक्षण प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी दी। विद्यार्थियों को विशेष रूप से टैंक की सवारी करने का रोमांचक अनुभव मिला, जहां उन्होंने यह भी जाना कि टैंक जैसे विशाल सैन्य वाहन किस प्रकार कार्य करते हैं।
सेना में भर्ती की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन
लेफ्टिनेंट कर्नल विनय गौतम ने विद्यार्थियों को भारतीय सेना में शामिल होने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि सेना में करियर बनाने के लिए किस प्रकार की तैयारी और योग्यता आवश्यक होती है। बच्चों को यह भी बताया गया कि देशभर में निर्मित होने वाले सभी सैन्य हथियारों की पहली टेस्टिंग ताकू रेंज में ही की जाती है, जो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक अति महत्वपूर्ण स्थान बनाता है।
सैन्य अधिकारियों का विशेष सहयोग
इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में मेजर जनरल आरएस सालरिया, ब्रिगेडियर संजय चीकारे और कर्नल जितेंद्र कृष्णैया का विशेष सहयोग रहा। इन अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न सैन्य उपकरणों और रक्षा प्रक्रियाओं के बारे में गहन और उपयोगी जानकारी प्रदान की, जिससे छात्रों का ज्ञानवर्धन हुआ।
देशभक्ति और आत्मविश्वास का संचार
विद्यालय के डायरेक्टर प्रशांत जैन ने सभी सैन्य अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में केवल ज्ञान की वृद्धि नहीं करते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना को भी सशक्त बनाते हैं। श्री जैन ने भविष्य में भी इस तरह के प्रेरणादायक दौरों को आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि युवा पीढ़ी देश की रक्षा प्रणाली को करीब से समझ सके।








