इटारसी। धान कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई (पराली) के प्रबंधन को लेकर क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन ने मध्य प्रदेश शासन और जिला प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि नरवाई नष्ट करने के लिए जल्द से जल्द मशीनरी उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा किसान अपने तरीके से खेत तैयार करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संगठन के तत्वावधान में, इटारसी की ग्राम इकाई भीलाखेड़ी के पदाधिकारियों और किसानों ने ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचकर संगठन की मांग से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने धान की पराली प्रबंधन के उपाय और मशीनरी की उपलब्धता के बारे में समय सीमा के भीतर जानकारी देने की मांग की।
संगठन के प्रमुख सवाल
किसानों ने ग्राम पंचायत से स्पष्ट रूप से जानना चाहा है कि धान कटाई के उपरांत बचे अवशेषों (पराली) को किसान समय रहते कैसे नष्ट करें, क्या मध्य प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत में पराली नष्ट करने हेतु आवश्यक मशीनरी किसानों को उपलब्ध कराई गई है या नहीं? संगठन के जिला अध्यक्ष हरपाल सिंह सोलंकी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन और जिला प्रशासन अपनी मनमानी और कमियों को छुपाने के लिए जिले के अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम में एफआईआर करने का टारगेट दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर संपूर्ण जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में किसानों द्वारा ज्ञापन दिए जाएंगे, ताकि शासन की मंशा और तैयारी की वास्तविक जानकारी सामने आ सके।
एक नवंबर तक का अल्टीमेटम
संगठन के जिला प्रवक्ता केशव साहू ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन नरवाई के लिए प्रत्येक ग्राम में समय अनुसार मशीनरी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा, यदि 1 नवंबर से पहले शासन-प्रशासन जिले के सभी ग्रामों में मशीनरी उपलब्ध नहीं करते हैं, तो किसान अपनी सुविधा अनुसार गेहूं की आगामी फसल के लिए खेत तैयार करेंगे।
संगठन ने साफ कर दिया कि यदि मशीनरी उपलब्ध न होने के कारण कहीं भी आगजनी होती है और किसानों के ऊपर गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की जाती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी। ऐसी स्थिति में संगठन किसानों के हित में एक बड़े आंदोलन के लिए अग्रसर रहेगा।








