इटारसी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव और नर्मदापुरम जिले की संगठन सृजन प्रभारी रूपल संचेती ने आज रविवार, 02 नवंबर 2025 को सुहाग मैरिज हॉल में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नीति निर्माण में महिलाओं को भागीदार बनना चाहिए। यह प्रेस वार्ता महिला कांग्रेस के प्रदेशव्यापी संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई थी।
प्रेस वार्ता में नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष नेहा चावरे, पूर्व पार्षद साधना दुबे, पार्षद सीमा भदोरिया, वंदना ओझा, कांग्रेस सेवादल यंग बिग्रेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन तिवारी, और जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल रैकवार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रूपल संचेती ने कहा कि हाल ही में म.प्र. कांग्रेस कमेटी द्वारा चलाए गए ‘संगठन सृजन अभियान’ की सफलता के बाद, अब महिला कांग्रेस द्वारा भी यह प्रदेशव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के मुख्य उद्देश्य महिला कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना, संगठन में नई ऊर्जा और युवा नेतृत्व तैयार करना, हर महिला कार्यकर्ता को अपने विचारों और क्षमता के साथ आगे बढऩे का अवसर देना है।
महिला आरक्षण पर कांग्रेस का ऐतिहासिक संकल्प
रूपल संचेती ने जोर देकर कहा कि महिला कांग्रेस का यह अभियान केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को राजनीति के केंद्र में लाने का एक सामाजिक संकल्प है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने ही सबसे पहले यह मांग उठाई थी कि देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में आरक्षण मिले। यह कांग्रेस की उस लंबे संघर्षशील दृष्टि का परिणाम है, जो हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण और समान अवसर के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं की राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनका विश्वास है कि जब महिलाएं राजनीति में सशक्त होंगी, तो शासन में संवेदनशीलता, ईमानदारी और करुणा भी सशक्त होगी।
निर्णायक भूमिका का आह्वान
संचेती ने कहा कि महिला कांग्रेस का प्रयास है कि संगठन से लेकर समाज तक हर महिला को यह महसूस हो कि उसकी आवाज सुनी जा रही है और अब उसकी भूमिका निर्णायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नर्मदापुरम की महिलाएं अपनी भागीदारी और नेतृत्व से इस अभियान को नई दिशा देंगी। जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल रैकवार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।









