इटारसी। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े रेलवे जंक्शन इटारसी पर अब यात्रियों की आवाजाही का एक युग समाप्त हो गया है। लगभग 54 साल पुराना, सन 1971 में निर्मित फुट ओवरब्रिज शनिवार से स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह सिर्फ एक पुल नहीं था, बल्कि दशकों तक यात्रियों की अनगिनत यात्राओं, इंतजार और यादों का गवाह रहा था। सुरक्षा पहले, भविष्य की तैयारी रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए इस ऐतिहासिक ब्रिज को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। पुराने पुल को ‘डिस्मेंटल’ (तोडऩे) करने का काम शुरू हो चुका है।

रेलवे प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि इस पुराने ढांचे की जगह अब एक 12 मीटर लंबा आधुनिक ब्रिज बनाया जाएगा। नया ब्रिज अधिक क्षमता वाला होगा, जो इटारसी जैसे व्यस्त जंक्शन की बढ़ती यात्री संख्या को संभालने में सक्षम होगा।
- यात्रियों के लिए नया मार्ग, विशेष ध्यान आवाजाही में बदलाव : पुराने ब्रिज के बंद होने के बाद, रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने यात्रियों की आवाजाही को तुरंत नए फुट ओवरब्रिज की ओर मोड़ दिया है।
- असुविधा से बचाव : रेलवे सुनिश्चित कर रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान भी यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित रूप से प्लेटफॉर्मों के बीच आवाजाही कर सकें।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए ब्रिज का ही उपयोग करें और इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में सहयोग करें। इटारसी जंक्शन अब एक आधुनिक और सुरक्षित कल की नींव रख रहा है, जो यात्रियों को बेहतर और तेज सुविधा प्रदान करेगा।








