जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, सर्दी की दस्तक के साथ मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड से बचाव और रोगों से दूर रहने के लिए अपने रहन-सहन और खान-पान में कुछ जरूरी बदलाव करना आवश्यक है। मजबूत इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) ही ठंड से लडऩे का सबसे बड़ा हथियार है।
ठंड में होने वाले रोग और उनका बचाव
- ठंड के मौसम में ये बीमारियां सबसे आम हैं, जिनसे बचाव के लिए सावधानी बहुत जरूरी है।
- सामान्य सर्दी-जुकाम और खांसी, नाक बहना, गले में खराश, हल्का बुखार, छींक आना।
- उपाय : गुनगुना पानी पिएं, अदरक-तुलसी-शहद का सेवन करें। ठंडी चीजों से बचें।
- फ्लू (इन्फ्लुएंजा) : तेज बुखार, थकान, बदन दर्द, सिर दर्द, खांसी।
- उपाय : भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, बार-बार हाथ धोएं। वार्षिक फ्लू का टीका लगवाएं।
- श्वसन संक्रमण (जैसे ब्रोंकाइटिस) : लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकडऩ।
- उपाय : प्रदूषण और धुएं से बचें। भाप लें, गर्म पेय पदार्थ पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
- त्वचा संबंधी समस्याएं : त्वचा का सूखापन (रूखापन), खुजली, एक्जिमा का बढऩा।
- उपाय : त्वचा को नमी देने वाले मॉइस्चराइजऱ का उपयोग करें। गर्म पानी से बहुत देर तक न नहाएं।
ठंड से बचने के लिए रहन-सहन और उपयोग
ठंड से बचाव के लिए कपड़ों और दैनिक आदतों पर विशेष ध्यान दें।
- गर्म कपड़े : हमेशा लेयरिंग (परतें) में कपड़े पहनें। अंदर हल्के, फिर ऊनी और बाहर विंड-प्रूफ जैकेट पहनना सबसे प्रभावी होता है।
- सिर, कान और हाथ : बाहर निकलते समय कानों को ढकना (कैप/मफलर), दस्ताने पहनना और पैरों में गर्म मोजे पहनना न भूलें। शरीर की गर्मी इन्हीं हिस्सों से सबसे तेज़ी से निकलती है।
- धूप लें : दिन में थोड़ी देर (15-20 मिनट) धूप में बैठें। यह विटामिन-डी देता है और शरीर को गर्म रखता है।
- व्यायाम : ठंड में भी नियमित रूप से हल्का व्यायाम या योग करें। यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और गर्माहट पैदा करता है।
- हाइड्रेशन : प्यास कम लगने पर भी गुनगुना पानी पीते रहें। डिहाइड्रेशन से बचें।
- रात में सावधानी : रात में सोते समय सिर को कंबल से न ढकें, इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। कमरे को हवादार रखें।
ठंड के लिए विशेष खान-पान
शरीर को भीतर से गर्म और मजबूत बनाने के लिए इन चीजों को आहार में शामिल करें।
- गुड़ : चीनी की जगह गुड़ का सेवन करें।
- शहद : गुनगुने पानी या चाय के साथ शहद का उपयोग करें। यह गले की खराश में भी आराम देता है।
- अदरक और हल्दी : अदरक की चाय, सब्जियों में हल्दी और हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी बूस्टर हैं।
- सूखे मेव : बादाम, अखरोट, खजूर और मूंगफली का सेवन करें। खजूर शरीर को तुरंत ऊर्जा और गर्मी देते हैं।
ताज़ी सब्जियां और फल
- हरी पत्तेदार सब्जियां : (जैसे पालक, सरसों का साग) खूब खाएं।
- विटामिन-सी : संतरा, आंवला, अमरूद और कीवी जैसे मौसमी फल खाएं। विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- गर्म सूप : सब्जियों से भरपूर गर्म सूप पीना शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और ठंड से बचाता है।
- घी और तिल : भोजन में देसी घी का सेवन शरीर के तापमान को बनाए रखने में मदद करता है। तिल और इसके लड्डू भी सर्दियों में फायदेमंद होते हैं।
अगर आपको सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।









