- कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं पर ध्यान आकर्षित कराया
इटारसी। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ, भोपाल मंडल ने आज जबलपुर से भोपाल पधारे प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी को एक 21-सूत्री ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संघ के महामंत्री अशोक शर्मा के मार्गदर्शन में, मंडल अध्यक्ष आरके शर्मा और मंडल सचिव कमलेश परिहार के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया। संघ ने पीसीपीओ का भोपाल आगमन पर स्वागत किया और उम्मीद जताई कि उनके आने से मंडल में वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान का वक्त आ गया है। ज्ञापन में रेलवे कर्मचारियों से संबंधित कई ज्वलंत और लंबित समस्याओं को उठाया गया।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे
पदोन्नति प्रक्रिया में विलंब : भोपाल मंडल में सभी विभागों की पदोन्नति प्रक्रिया यकायक रुक गई है, जिसका कारण नया HRMS मॉड्यूल बताया गया है। संघ ने आग्रह किया है कि जनवरी 2026 से लागू होने वाले आठवें वेतन आयोग के वित्तीय लाभ को सुनिश्चित करने के लिए HRMS से एक बारगी छूट दी जाए और लंबित पदोन्नतियाँ तुरंत की जाएँ। वाणिज्य संवर्ग में BOS में सुधार न होने के कारण भी पदोन्नति लंबित है।
इंजीनियरिंग अनुभाग में गड़बड़ी : वर्ष 2023 से सुपरवाइजर स्टाफ के स्थानांतरण से संबंधित पंजीयन सूची में बार-बार बदलाव हो रहे हैं। संघ ने गड़बड़ी की निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जांच और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दया आधार पर नियुक्तियां : अप्रैल 2025 से दया आधार पर नियुक्तियां लंबित हैं, जिससे स्वर्गवासी कर्मचारियों के आश्रितों को वित्तीय परेशानी हो रही है। संघ ने लंबित नियुक्तियां 1 जनवरी 2026 से पूर्व करने का आग्रह किया है।
यूनियन से कार्यालय रिक्त कराना : मान्यता समाप्त होने के बावजूद सिस्टर यूनियन (WCREM) से कार्यालय भवन रिक्त नहीं कराए गए हैं और न ही नियमानुसार डेनेज रेंट की वसूली की गई है, जबकि मान्यता प्राप्त संगठन पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ की छह शाखाओं के पास कार्यालय नहीं हैं। संघ ने यूनियन से कार्यालय रिक्त कराकर अपनी शाखाओं को आवंटित करने की मांग की।
अन्य लंबित मामले : एमएसीपी लाभ, सेटलमेंट भुगतान, लीव एनकेशमेंट और एमएसीपी के लंबित प्रकरणों का तुरंत निपटारा करने की मांग की गई।
कोच रिपेयर वर्कशॉप : निशातपुरा कोच रिपेयर वर्कशॉप में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की एक और शाखा (कुल दो) को मान्यता देने का प्रावधान लागू करने की मांग की गई।
परीक्षा और भत्ते : ट्रेन मैनेजर (गुड्स) और दयाधार नियुक्ति की परीक्षाओं का स्तर सामान्य रखने या ग्रेस मार्क्स देने, और टावर वैगन के लोको रनिंग स्टाफ को 200 किमी/दिन के हिसाब से माइलेज भत्ता प्रदान करने की मांग की गई।
मंडल सचिव कमलेश परिहार ने आशा व्यक्त की है कि प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी इन सभी समस्याओं का शीघ्र ही समाधान करते हुए संघ को सूचित करेंगे।








