‘हिन्द की चादर’ के नाम से विख्यात धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी महाराज का 350वां सालाना शहीदी दिवस गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, इटारसी में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर साहब जी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए मुगल शासकों के अत्याचारों के सामने न झुकते हुए दिल्ली के चांदनी चौक पर अपनी शहादत दी थी। उनके त्याग, बलिदान, शांति और मानवता के प्रतीक स्वरूप इस अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया जा रहा है।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान जसवीर सिंह छाबड़ा ने बताया कि शहीदी पर्व को समर्पित यह कार्यक्रम 20 नवम्बर से 25 नवम्बर तक प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा।
श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी के 350वें शहीदी दिवस पर प्रमुख कार्यक्रम
- 20 नवम्बर: सिख समाज के बच्चों द्वारा रैली का आयोजन।
- प्रतिदिन (20-25 नवम्बर): गुरुद्वारे में पाठ साहिब, हजूरी रागी जत्था द्वारा कीर्तन, और नौवें महाला का पाठ किया जाएगा।
- 23 और 24 नवम्बर: पंजाब से आ रहे कथावाचक भाई सर्वजीत सिंह धुंदा संगत को गुरु तेग बहादुर साहब जी के इतिहास, शहादत और कुर्बानी के बारे में कथा सुनाएंगे।
- 23 नवम्बर: अखंड साहिब पाठ आरंभ होगा।
- 24 नवम्बर: भव्य नगर कीर्तन निकाला जाएगा, जो गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा स्टेशन रोड से शुरू होकर जयस्तंभ, सराफा बाजार, भारत टॉकीज, सिंधी कॉलोनी, सूरजगंज चौक, मालवीयगंज, चामुंडा चौक, जनता टॉकीज और रेस्ट हाउस से होते हुए गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में समाप्त होगा। समापन के उपरांत कीर्तन दरबार एवं गुरु का लंगर होगा।
- 25 नवम्बर: सुबह 9 बजे अखंड साहिब पाठ की समाप्ति (भोग) होगी। इसके बाद रागी जत्था द्वारा कीर्तन दरबार, कथा और दोपहर में गुरु का अटूट लंगर बरसेगा।
अत्याचार और अन्याय के सामने न झुकने की उनकी शिक्षाएं आज भी हमें प्रेरित करती हैं। समूह साध संगत से अनुरोध किया गया है कि वे सभी कार्यक्रमों में पहुंचकर गुरुघर की खुशियां प्राप्त करें।









