शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता की अध्यक्षता में महिला उद्यमिता दिवस का आयोजन किया गया। उच्चशिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम महाविद्यालय में संचालित स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्ग दर्शन प्रकोष्ठ एवं महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ।
महिला उद्यमी, बुटीक संचालिका तथा साजसज्जा सामग्री निर्माता श्रीमती अर्चना मीणा एवं एनजीओ मानव कल्याण केंद्र के संचालक अजय मंजारिया विशेष रूप से उद्यमिता पर प्रकाश डालने हेतु आमंत्रित थे।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में डा राकेश मेहता ने उद्यमिता दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि उद्यमी बनने के लिए विद्यार्थी जीवन से ही अपने दृष्टिकोण को इस दिशा में लाते हुए छोटे छोटे उद्यमों में एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण में रूचि लेना चाहिए। उन्होंने महाविद्यालय में संचालित इंटर्नशिप एवं अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का जिक्र किया। अंग्रेजी का एक वाक्य का उद्धरण करते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला को सशक्त करने से एक समूह सशक्त होता है जबकि उसी महिला के हाथ में साधन रूपी सभी उपकरण प्राप्त होने से वह एक साम्राज्य स्थापित करने की काबिलियत रखती है।
बुटीक संचालिका श्रीमती अर्चना मीणा ने स्वयं के द्वारा बनाए गए साजसज्जा सामग्री को प्रदर्शित करते हुए कहा कि स्वरोजगार के राह में शिक्षा कभी आड़े नहीं आता, हुनर और मनोबल चाहिए। उनके साथ आई श्रीमती सीमा सोनी ने भी उत्पादों को बारीकी से समझाया।
मानव केंद्र कल्याण, एन जी ओ से आए अजय मंजारिया जी ने कहा कि स्वरोजगार ही नई रोजगार का सृजन कर सकता है जबकि रोजगार का खोज अक्सर बेरोजगारी को बढ़ाता है।
महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ अर्चना शर्मा ने विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ साथ स्वरोजगार प्रशिक्षण मे भी भाग लेने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्ग दर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ पवन कुमार अग्रवाल ने किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में डा मनीष कुमार चौरे, डा बसा सत्य नारायण एवं श्री कार्तिकेय पटेल ने विशेष भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अतिरिक्त शैक्षणिक स्टाफ से डा आशुतोष मालवीय, डा दुर्गेश लस्गरिया, श्री अभिनव, मोनिका साहू, भारती सिंह आदि उपस्थित थे।









