- परिवार के साथ जाने से इनकार के बाद बालिकाओं को मुस्कान संस्थान में दाखिल कराया गया
इटारसी। जिले की रामपुर गुर्रा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण की शिकार हुई दो नाबालिग बहनों को घटना की सूचना मिलने के मात्र 12 घंटे के अंदर सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है। बालिकाओं को सतवास, जिला देवास के थाना क्षेत्र से खोजा गया। फरियादी पवन ठाकुर 35 वर्ष, निवासी गुर्रा ने 27 नवंबर 2025 को थाना रामपुर गुर्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
फरियादी ने बताया कि 22 नवंबर 2025 को जब वह काम पर गए थे, तब उनकी दो नाबालिग बेटियां जिनकी उम्र 13 साल और 10 साल है, घर पर थीं। शाम को घर लौटने पर बेटियां गायब मिलीं। रिश्तेदारी और आसपास तलाश करने के बाद भी जब वे नहीं मिलीं, तो फरियादी ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बच्चियों को बहला-फुसलाकर ले जाने की शंका जाहिर की। इस शिकायत पर थाना रामपुर गुर्रा में अपराध भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपहरण का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा थोटा के आदेश, अति पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश, और एसडीओपी इटारसी के मार्गदर्शन में तत्काल एक टीम गठित की गई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक विपिन पाल के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के अंदर दोनों अपहृत नाबालिग बहनों को थाना सतवास, जिला देवास के क्षेत्रांतर्गत से सकुशल दस्तयाब कर लिया।
पुलिस द्वारा सुरक्षित दस्तयाब किए जाने के बाद, दोनों नाबालिग बालिकाओं ने परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद, बाल कल्याण की प्रक्रिया के तहत दोनों बहनों को मुस्कान संस्थान, इटारसी में दाखिल कराया गया है। इस सफल और त्वरित कार्रवाई में उप निरीक्षक विपिन पाल, सहायक उपनिरीक्षक अनिल शर्मा, प्रधान आरक्षक शोभा धुर्वे, आरक्षक महेश साहू, और प्रआर चालक कन्हैयालाल गौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









