इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ एवं गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय गणित दिवस गरिमापूर्ण तरीके से मनाया। शुभारंभ प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा मां सरस्वती के पूजन एवं महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
गणित भारत की बौद्धिक पहचान
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने कहा कि गणित केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि भारत की बौद्धिक पहचान है। उन्होंने प्राचीन भारतीय गणितज्ञों आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि बोडामास जैसे नियम हमारे यहां सदियों पहले से प्रचलित थे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे वैदिक गणित को अपनाकर अपनी स्मरण शक्ति और गणना की गति बढ़ाएं।
शून्य की खोज ने बदली दुनिया
प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. रश्मि तिवारी ने कहा कि भारत की महान खोज शून्य ने ही पूरे विश्व की गणना प्रणाली को आधार दिया है। आज का डिजिटल युग भारतीय गणितीय दर्शन का ही परिणाम है। कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार एवं भोजराव बनकर ने भी अपने विचार साझा किए।
संचालन छात्रा यश्विनी चौधरी एवं हिना रजक ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. सूसन मनोहर, डॉ. व्हीके कृष्णा, डॉ. असुंता कुजुर, श्रीमती सुशीला बरबड़े सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
- निबंध प्रतियोगिता : निहारिका चौरे प्रथम, वासुकी मिश्रा द्वितीय, इशीता वेद एवं यशस्वी चक्रे तृतीय।
- संगोष्ठी : कैशिफा खान प्रथम, अमन सोनिया एवं आकाश राजपूत द्वितीय, इशिता वेद एवं उत्कर्ष डंढारे तृतीय।









