इटारसी। सिंधी जगत के महान गायक, संगीतकार और रचनाकार मास्टर चन्दर की पावन स्मृति में सिंधी साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश द्वारा पूज्य पंचायत सिंधी समाज, इटारसी के सहयोग से ‘सुर चन्दर जा’ कार्यक्रम का आयोजन कवि भवानी प्रसाद मिश्र ऑडिटोरियम में किया। इस स्वरांजलि सभा ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
सांगीतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का शुभारंभ वरुणावतार श्री झूलेलाल जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुआ। ग्वालियर से आए जयकिशन तलरेजा ने मास्टर चन्दर के प्रसिद्ध गीत ‘रुठिया ई रहनि पर हुजनि हयाती…’ और ‘तुहिंजे शहर में आयुसि किस्मत सां…’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, बुरहानपुर के युवा गायक अजय मोहन ने ‘हिक गाल्हि त बुधु…’ और ‘वाह वाह रे घड़ा…’ जैसे सदाबहार गीतों से सभागार में उत्साह भर दिया। स्थानीय कलाकार विशाल गंगलानी ने भी अपनी मधुर आवाज से प्रभावित किया।
भोपाल से आईं भारती ठाकुर ने मास्टर चन्दर के जीवन संघर्ष और कला के क्षेत्र में उनके योगदान पर विशेष व्याख्यान दिया। इस दौरान उन्होंने व्याख्यान पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की, जिसमें सही उत्तर देने वाले श्रोताओं को प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार प्रदान किए।
इस शाम में सिंधी समाज के अनेक गणमान्य नागरिक साक्षी बने। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अकादमी निदेशक राजेश कुमार वाधवानी, पूज्य पंचायत सिंधी समाज अध्यक्ष धरमदास मिहानी, सचिव मनीष वसानी, उपाध्यक्ष श्रीचंद खुरानी, झूलण सेवा समिति के संस्थापक गोपाल सिद्धवानी, अध्यक्ष वासु खुरानी, महिला एवं युवा शाखा में महिला अध्यक्ष पूनम चेलानी, महामंत्री प्रिया नंदवानी, युवा अध्यक्ष मुकेश खुरानी, महामंत्री गौरव फूलवानी होशंगाबाद सिंधी समाज अध्यक्ष राम नवलानी, महेश वलेचनी, सुधीर देवानी, नंदलाल देवानी, रोहित दरियानी, मनीष रामरख्यानी, अर्जुन दास नवलानी, श्याम शिवदासानी, मनोहर सुंदरानी, श्री चंद चावला, इंदर शिवदासानी, महेश नदवानी, अनिल मिहानी, जय चेलानी, अटलराये चेलानी और अशोक गुरबानी सहित संपूर्ण सिंधी समाज के बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।








