- अजय को व्हाट्सएप कॉल से हुई थी ठगी की शुरुआत
इटारसी। ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए रातों-रात अमीर बनने का सपना एक युवक के लिए दुस्वप्न साबित हुआ। इटारसी के समीप ग्राम चांदौन निवासी अजय गालर (32 वर्ष) को साइबर ठगों ने 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर 6.93 लाख रुपए की चपत लगा दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगों के बैंक खातों को होल्ड करा दिया है, लेकिन अपराधी अभी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।
किस्तों में बुना गया ठगी का जाल
पीडि़त अजय गालर के पास 6 नवंबर को एक व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉलर ने उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का ऑफर दिया। ठगों ने अजय को भरोसे में लेने के लिए रिफंड की रणनीति अपनाई।
- पहली किस्त : अजय ने 50,000 निवेश किए, जिसमें से 40,000 ठगों ने तुरंत वापस भेज दिए।
- दूसरी किस्त : भरोसा बढऩे पर अजय ने 1 लाख जमा किए और उसमें से 22,000 निकाल भी लिए।
- बड़ी ठगी : जब अजय को यकीन हो गया कि मुनाफा मिल रहा है, तो उसने 3-3 लाख रुपए की दो बड़ी किश्तें ट्रांसफर कर दीं।
इसके बाद ठगों ने न तो पैसा वापस किया और न ही कोई संपर्क किया।
रिकॉर्ड में नहीं है नंबर का अस्तित्व
पथरोटा थाना प्रभारी संजीव पवार ने बताया कि जब पुलिस ने साइबर सेल के माध्यम से उस व्हाट्सएप नंबर की जांच की, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। तकनीकी जांच के अनुसार, उस नंबर से कभी कोई पारंपरिक कॉलिंग रिकॉर्ड ही नहीं मिला। ठगों ने वर्चुअल नंबर का उपयोग कर अजय को निशाना बनाया था।
सावधान! ऐसे फंसाते हैं ठग
- विश्वास पैदा करना : शुरुआत में छोटी रकम निवेश कराकर मुनाफे के साथ वापस लौटाई जाती है।
- लालच देना : जब व्यक्ति को भरोसा हो जाता है, तो उसे लाखों रुपए निवेश करने के लिए उकसाया जाता है।
- संपर्क तोडऩा : बड़ी रकम हाथ लगते ही ठग अपने मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर देते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मिलने वाले इन्वेस्टमेंट टिप्स पर कभी भरोसा न करें।
- किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते से अनजान खातों में पैसे न भेजें।
- 20 प्रतिशत या उससे अधिक फिक्स्ड रिटर्न देने वाला कोई भी कानूनी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म नहीं है।
- हमेशा सेवी द्वारा अधिकृत ब्रोकरेज फर्म या बैंक के माध्यम से ही निवेश करें।
- यदि ठगी का शिकार हों, तो तत्काल 1930 डायल करें या
cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज करें।
वर्तमान स्थिति : पुलिस ने अजय की शिकायत पर उन बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है जिनमें पैसा ट्रांसफर हुआ था। पथरोटा पुलिस और साइबर टीम मिलकर आरोपियों की लोकेशन और बैंक डिटेल्स खंगाल रही है।








