इटारसी। न्यू यार्ड डीजल शेड से मेहरागांव नदी तक लाखों की लागत से बनी नई सड़क अपनी गुणवत्ता की पोल खोल रही है। भारी विरोध और आंदोलनों के बाद बनी यह सड़क चंद महीनों में ही गड्डों और दरारों में तब्दील हो गई है। स्थानीय निवासियों ने इसे भ्रष्टाचारी सड़क का नाम दिया है, जहां फिर से हादसों का डर सताने लगा है।
सड़क बनते ही शुरू हुई खुदाई
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण के तुरंत बाद रेलवे के ठेकेदारों ने पाइपलाइन और वायरिंग के नाम पर इसे जगह-जगह से खोद दिया। जनता का सवाल है कि सड़क बनाने से पहले ये कार्य क्यों नहीं किए गए? इंजीनियरिंग विभाग और ठेकेदारों की इस आपसी खींचतान में जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है और सड़क की नई परत पूरी तरह उखड़ चुकी है।
यूनियन का अल्टीमेटम, ठीक करो वरना होगा प्रदर्शन
सड़क की बदहाली पर आक्रोश जताते हुए वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ डीजल शाखा के अध्यक्ष महाकालेश्वर कश्यप ने कहा कि रात के अंधेरे में खराब सड़क और कम रोशनी के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इंजीनियरिंग विभाग ने जल्द ही सड़क का गुणवत्तापूर्ण सुधार नहीं किया, तो संघ उग्र प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।








