इटारसी। कृषि उपज मंडी में किसानों की बरसों पुरानी समस्या का समाधान होने जा रहा है। सालों से कबाड़ बनी पुरानी अनाज ग्रेडिंग मशीन को अब हटाया जाएगा और उसके स्थान पर 1.5 करोड़ रुपये की लागत से दो नई हाई-टेक मशीनें लगाई जाएंगी। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा की पहल पर मंडी बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है।
अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण
शुक्रवार को भोपाल मुख्यालय से आए अधीक्षण यंत्री भारत भूषण चौधरी और तकनीकी टीम ने मंडी परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने नए प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए उपलब्ध भूमि की नाप-तौल की। जल्द ही भोपाल कार्यालय से अंतिम स्थान का चयन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रोजेक्ट का तकनीकी और आर्थिक पक्ष
- लागत : प्लेटफॉर्म निर्माण पर 49.38 लाख रुपए और मशीनों पर लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- क्षमता : मंडी में 5 टन और 10 टन प्रति घंटा क्षमता वाली दो मशीनें लगेंगी।
- फायदा : ग्रेडिंग होने से किसानों को उनकी उपज का 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक अधिक दाम मिल सकेगा।
विकास कार्यों की कड़ी
मंडी सचिव प्रशांत पांडे और विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र पटेल ने बताया कि मंडी में नवीन सड़कों, शेड और नाली निर्माण के बाद अब ग्रेडिंग मशीन का लगना किसानों के लिए बड़ी सौगात है। इससे पीक सीजन में अनाज की प्रोसेसिंग तेजी से होगी और मंडी में लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी। इस अवसर पर सहायक यंत्री श्रीमती रेखा साहू, प्रोजेक्ट सेल के चक्रेश भूषण शर्मा और निर्माण शाखा प्रभारी राजेश इंगले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








