नर्मदापुरम। प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की नई जी राम जी योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह योजना महात्मा गांधी की ग्रामीण स्वावलंबन की भावना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ
मंत्री श्री राव ने बताया कि पुरानी मनरेगा योजना अब वर्तमान परिदृश्य में प्रासंगिक नहीं रह गई थी, इसलिए उसे नए ढांचे में जी राम जी योजना के रूप में पुन: व्यवस्थित किया गया है।
- रोजगार की गारंटी : अब हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी जो पहले 100 दिन थी।
- जनजातीय वर्ग को विशेष लाभ : वन क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 150 दिन, 125+25 अतिरिक्त का रोजगार दिया जाएगा।
- पारदर्शी भुगतान : भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पारिश्रमिक का भुगतान सीधे मजदूरों के बैंक खातों में कैशलेस किया जाएगा।
- हाई-टेक हाजिरी : पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजदूरों की अटेंडेंस अब फेस आईडी मशीन के माध्यम से ली जाएगी।
- साप्ताहिक भुगतान : अब मजदूरों को अपनी मजदूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा, भुगतान हर हफ्ते किया जाएगा।
किसान और मजदूर दोनों का हित
मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संतुलन बनाए रखने के लिए इस बिल में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- कृषि सीजन में ब्रेक : बुवाई और कटाई के सीजन के दौरान 60 दिनों के लिए काम बंद रखा जाएगा ताकि किसानों को मजदूरों की कमी न हो। यह समय खत्म होते ही योजना के कार्य पुन: शुरू हो जाएंगे।
- आजीविका में सुधार : ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी का ग्राफ 2011-12 के 25.7 प्रतिशत से घटकर अब 4.86 प्रतिशत रह गया है, जिसे देखते हुए इस योजना को आधुनिक जरूरतों के अनुसार ढाला गया है।
नाम परिवर्तन का आधार
योजना के नामकरण पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योजनाओं को व्यक्ति विशेष के नाम से हटाकर सेवा और कर्तव्य से जोड़ा है। जैसे राजपथ अब कर्तव्य पथ है, वैसे ही यह योजना अब सेवा के भाव से जी राम जी के नाम से जानी जाएगी।









