सुखतवा/इटारसी भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में राष्ट्रीय सेवा योजना और रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व एड्स जागरूकता पखवाड़ा का समापन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एड्स और टीबी जैसी बीमारियों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
प्रमुख गतिविधियां और अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत के मार्गदर्शन में मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि जिला आईटीडीसी प्रभारी गणेश उपारिया, एसटीसी प्रभारी नरेंद्र यादव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुखतवा के मेडिकल ऑफिसर डॉ. रघुवंशी, डॉ. विवेक वर्मा और मुकेश व्यास उपस्थित रहे।
गणेश उपारिया ने एड्स और एसआईवी के बीच का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा, यह बीमारी लाइलाज है, लेकिन समाज को ग्रसित लोगों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। युवाओं को क्षणिक सुख के लिए गलत मार्ग नहीं चुनना चाहिए। नरेंद्र यादव ने टीबी (क्षय रोग) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केवल खांसी ही टीबी का लक्षण नहीं है, यह शरीर के अन्य अंगों में भी हो सकती है। सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच और दवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं।
प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने कहा कि इस गंभीर बीमारी से डरने के बजाय सजगता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।पखवाड़े के दौरान आयोजित मेहंदी, रंगोली, निबंध, स्लोगन, पोस्टर और वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राधा आशीष पांडे ने और आभार प्रदर्शन डॉ. सतीश ठाकरे ने किया।









