इटारसी। नगर पालिका क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त गंदगी और जलभराव की समस्या पर अब प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। अधिवक्ता एवं मानवाधिकार विशेषज्ञ सिद्धार्थ आर्य की सक्रिय पहल के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का मोर्चा संभाला और व्यवस्थाओं को सुधारने के कड़े निर्देश दिए।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचीं सीएमओ
इटारसी की मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने आज उन क्षेत्रों का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया, जहां नालियों में गंदगी और जल-जमाव के कारण नागरिक परेशान थे। निरीक्षण के दौरान सिद्धार्थ आर्य ने अधिकारियों को दूषित नालियों और कचरे के ढेरों की वास्तविक स्थिति दिखाई। उन्होंने बताया कि यह समस्या न केवल स्वच्छता से जुड़ी है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के मौलिक अधिकार का भी विषय है।
तत्काल शुरू हुआ सफाई अभियान
अधिवक्ता की दलीलों और मौके की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से सफाई अमले को कार्य पर लगाया। उनके निर्देश मिलते ही मौके पर ही नालियों की सफाई और कचरा हटाने का काम शुरू कर दिया। इसके साथ ही, क्षेत्र में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान हेतु तकनीकी अधिकारियों को प्रशासनिक कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए।
नागरिकों में जगी उम्मीद
नगर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है। लंबे समय से गंदगी से जूझ रहे लोगों को अब उम्मीद है कि जल-प्रबंधन और स्वच्छता की यह व्यवस्था स्थायी रूप से सुधारी जाएगी। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि यदि जागरूक नागरिक और संवेदनशील प्रशासन एक साथ मिलें, तो जनहित के मुद्दों का त्वरित समाधान निकाला जा सकता है।
इनका कहना है…
यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि नागरिकों के सम्मान और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। जब समस्याओं को जमीन पर दिखाया जाता है, तभी प्रशासन हरकत में आता है। फाइलों में दबे रहने से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
सिद्धार्थ आर्य, अधिवक्ता








