केसला, रितेश राठौर। ग्राम केसला के बाजार मोहल्ला स्थित नवनिर्मित हनुमान धाम मंदिर परिसर में गुरुवार को भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था सकल हिंदू समाज सम्मेलन और प्राचीन हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ का, जिसे समूचे ग्रामवासियों ने अपार उत्साह के साथ मनाया।
अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर से जुड़ा है इतिहास
उल्लेखनीय है कि केसला के इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। जिस पावन घड़ी में अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी, ठीक उसी समय केसला में भी भगवान हनुमान जी, शिवजी और नंदी जी की विधिवत स्थापना की गई थी। आज इस ऐतिहासिक घटना के दो वर्ष पूर्ण होने पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया।
धार्मिक अनुष्ठान और विशाल शोभायात्रा
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात:काल विधि-विधान से पूजन, हवन और महाआरती के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान, शिव परिवार और राधा-कृष्ण की आराधना कर पुण्य लाभ लिया। दोपहर 12:30 बजे हनुमान धाम प्रांगण से एक शोभायात्रा निकाली गई। डीजे और बग्गी के साथ निकली इस यात्रा में भारत माता और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की आकर्षक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। ग्राम के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए यह शोभायात्रा पुन: मंदिर परिसर पहुंची, जहां पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और पंच परिवर्तन
राष्ट्रीय गान के साथ सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हुआ। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति और भक्तिपूर्ण गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्य वक्ता के रूप में वनवासी कल्याण आश्रम की जिला संगठन मंत्री कावेरी राठौर ने पंच परिवर्तन विषय पर समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा हिंदू जीवन पद्धति में परिवार सबसे छोटी इकाई है और महिला उसकी धुरी। हमें स्वदेशी अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक अनुशासन और कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों को अपने जीवन में उतारना होगा।
विशिष्ट अतिथि विभाग बौद्धिक प्रमुख प्रवीण नायक ने समाज को जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस भव्य आयोजन में समस्त ग्रामवासियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और हिंदू समाज के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही।









