इटारसी। आज के समय में जहां आयोजनों में प्लास्टिक और डिस्पोजल का अंबार लग जाता है, वहीं बिजासन देवी दरबार सेवा समिति ने पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है। समिति द्वारा पिछले दो वर्षों से सफलतापूर्वक बर्तन बैंक का संचालन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उत्सवों को जीरो वेस्ट बनाना है।
स्थापना महोत्सव पर दिखा संकल्प
बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर महर्षि कॉलोनी स्थित बिजासन देवी मंदिर के स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण हुए। इस उपलक्ष्य में आयोजित स्थापना सप्ताह के दौरान श्रीमद् भागवत कथा और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यहां खास बात यह रही कि हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को डिस्पोजल दोने-पत्तल के बजाय स्टील की थालियों में सम्मान से प्रसाद परोसा गया।
क्या है बर्तन बैंक की शर्त?
समिति द्वारा संचालित यह बर्तन बैंक आम जनता और सामाजिक संस्थाओं के लिए भी खुला है। यदि कोई भी व्यक्ति अपने घर के मांगलिक कार्य या विवाह आदि के लिए बर्तन लेना चाहता है, तो समिति उन्हें निशुल्क बर्तन उपलब्ध कराती है।
हालांकि, इसके पीछे समिति ने एक बेहद जरूरी शर्त रखी है कि आयोजन में किसी भी प्रकार के डिस्पोजल, प्लास्टिक के गिलास या दोने-पत्तल का उपयोग नहीं किया जाएगा।
स्वच्छता की ओर बढ़ते कदम
समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से मंदिर परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के डिस्पोजल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस पहल से न केवल गंदगी कम होती है, बल्कि गायों और पशुओं द्वारा प्लास्टिक खाने का खतरा भी टल जाता है।
भक्तों ने की सराहना
भंडारे में आए भक्तों ने समिति के इस व्यवस्थित और प्रकृति-अनुकूल कार्य की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि हर मंदिर और सामाजिक संस्था इस तरह के बर्तन बैंक की शुरुआत करे, तो हमारे शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।









