अखिलेश शुक्ल, सेवा निवृत्त प्राचार्य, लेखक, ब्लॉगर
क्या आपने कभी महसूस किया है कि कोई गाना सुनते ही सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है, आँखों में एक अलग सी चमक आ जाती है और रोंगटे खड़े हो जाते हैं? यही जादू है बॉलीवुड के देशभक्ति गानों का। ये गीत सिर्फ धुन नहीं, बल्कि दिल की आवाज़ हैं, जो हमें अपने वतन से प्यार करना सिखाते हैं। चलिए, आज एक मुसाफ़िर की तरह हम इन्हीं दस यादगार गानों की सैर पर निकलते हैं, जिन्होंने देशप्रेम के रंग से हमारे दिलों को भर दिया।
1. तेरी मिट्टी – केसरी (2019)
गायक: बी प्राक
2019 में आई फिल्म ‘केसरी’ का यह गीत सुनते ही दिल भर आता है। यह गाना सरहद पर शहीद होते एक सिपाही के आखिरी ख्यालों को बयां करता है, जो अपनी मिट्टी से बेइंतहा मोहब्बत करता है। बी प्राक की दर्द भरी आवाज़ और मनोज मुंतशिर के शब्दों ने इसे एक ऐसी रूहानी देशभक्ति की मिसाल बना दिया, जो सीधे दिल के तार छेड़ देती है। यह गीत सिर्फ एक सैनिक की कहानी नहीं, बल्कि हर उस शख्स की आवाज़ है जो इस धरती के लिए जीता और मरता है।
2. मेरा रंग दे बसंती चोला – शहीद (1965)
गायक: मुकेश एवं महेंद्र कपूर
“दम निकले इस देश की खातिर, बस इतना अरमान है…”। भगत सिंह और उनके साथियों की शहादत पर फिल्माई गई इस फिल्म का यह गीत दशकों से देशभक्ति का पर्याय बना हुआ है। यह गाना उस जज़्बे को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हो जाता है। पीली पगड़ी (बसंती चोला) यहाँ शहादत और देशप्रेम का प्रतीक बन जाती है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि आज़ादी की यह खुशबू उन वीरों के खून से सिंची हुई है।
3. रंग दे बसंती – रंग दे बसंती (2006)
गायक: दलेर मेहंदी
“ओ मोहे रंग दे बसंती…”। ए.आर. रहमान का संगीत और दलेर मेहंदी की दमदार आवाज़ ने इस गाने को युवाओं की देशभक्ति की नई पहचान बना दिया। यह गीत नौजवानों में जोश भरने, उन्हें जागृत करने और देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है। यह सिर्फ एक टाइटल ट्रैक नहीं, बल्कि एक जुनून है जो हर भारतीय के दिल में देशभक्ति का रंग भर देता है।
4. ऐ वतन, वतन मेरे – राज़ी (2018)
गायक: सुनिधि चौहान / अरिजीत सिंह
“ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू…”। गुलज़ार साहब के लिखे इस नग़मे ने देशप्रेम को एक नए अंदाज़ में पेश किया। फिल्म ‘राज़ी’ में यह गीत एक गुप्तचर के दिल की उस धड़कन को दिखाता है, जो चाहे दूर हो मगर वतन की याद में हमेशा जीती है। सुनिधि चौहान और अरिजीत सिंह की आवाज़ ने इसे एक ऐसी दुआ बना दिया, जो हर भारतीय की जुबाँ पर है।
5. कंधों से मिलते हैं कंधे – लक्ष्य (2004)
गायक: शंकर महादेवन, सोनू निगम, हरिहरन
“कंधों से मिलते हैं कंधे, क़दमों से क़दम मिलते हैं…”। यह गीत एकता और सामूहिक प्रयास का राष्ट्रीय गान बन गया है। फिल्म ‘लक्ष्य’ जहाँ कारगिल युद्ध पर आधारित है, वहीं यह गाना सैनिकों के उस जज्बे को दर्शाता है जब वे एकजुट होकर देश की रक्षा के लिए खड़े होते हैं। यह गीत हमें यह एहसास दिलाता है कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी हों, कंधे से कंधा मिलाकर चलने से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
6. ज़िंदगी मौत ना बन जाए – सरफ़रोश (1999)
गायक: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़
“ज़िंदगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों…”। यह गाना देशभक्ति का वो अलग अंदाज है, जो हमें चेतावनी देता है। यह गीत समाज में फैली बुराइयों, गद्दारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है और हमें सचेत करता है कि अगर हमने अब भी आँखें नहीं खोली, तो यह ज़िंदगी मौत बन जाएगी। यह एक कर्तव्य की पुकार है, जो हमें देश की सुरक्षा और समृद्धि के प्रति जागृत रहने को कहती है।
7. सुनो गौर से दुनिया वालों – देश (2005)
गायक: शंकर महादेवन, उदित नारायण, महालक्ष्मी अय्यर
“सुनो गौर से दुनिया वालों, बुरी नज़र ना हम पे डालो…”। यह गीत भारत की शान और ताकत का ऐलान है। यह दुनिया को संदेश देता है कि भारत अब कमजोर नहीं है और कोई भी बुरी नजर उस पर नहीं लग सकती। शंकर-एहसान-लॉय के संगीत और शंकर महादेवन की ताकतवर आवाज़ ने इसे एक ऐसा गाना बना दिया, जो हर भारतीय को गर्व से सीना तानकर खड़े होने की प्रेरणा देता है।
8. ये देश है वीर जवानों का – नया दौर (1957)
गायक: मोहम्मद रफी
“ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का…”। मोहम्मद रफी साहब की आवाज़ में यह क्लासिक गाना आज भी उतना ही ताजा है। यह गीत भारत की वीरता, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का गुणगान करता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा देश सिर्फ भूमि नहीं, बल्कि वीर जवानों, मस्तमौला युवाओं और अनूठी विरासत की धरोहर है।
9. चक दे! इंडिया – चक दे! इंडिया (2007)
गायक: सुखविंदर सिंह, सलीम-सुलेमान
“चक दे! इंडिया…”। यह गाना स्पोर्ट्स स्पिरिट और राष्ट्रीय गर्व का परफेक्ट मेल है। फिल्म ‘चक दे! इंडिया’ की तरह ही यह टाइटल ट्रैक हार न मानने, टीमवर्क और जीत के जज्बे को दर्शाता है। सुखविंदर सिंह की ऊर्जावान आवाज़ ने “चक दे!” को सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मंत्र बना दिया, जो हर मैदान में भारत की जीत का इंतज़ार करता है।
10. भारत हमको जान से प्यारा है – सूर्यवंशी (2022)
गायक: अरिजीत सिंह
“भारत हमको जान से प्यारा है, सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है…”। हालिया दौर का यह गाना पुराने देशभक्ति गीतों की भावना को आधुनिक धुन में पिरोता है। अरिजीत सिंह की मखमली आवाज़ में यह गीत देश के प्रति प्यार को एक शांत, गहरी और व्यक्तिगत भावना के रूप में व्यक्त करता है। यह गाना यह दर्शाता है कि देशप्रेम जोश भरा भी हो सकता है और दिल को छू लेने वाला भी।
निष्कर्ष
ये दस गाने सिर्फ दस अंक नहीं, बल्कि देशभक्ति के दस रंग हैं। इनमें से हर एक गीत हमें एक अलग संदेश देता है – कहीं शहादत की याद दिलाता है, तो कहीं एकता का पाठ पढ़ाता है। ये गाने हमारे इतिहास, वर्तमान और भविष्य के बीच का पुल हैं।
अब, जब भी आपका मन उदास हो या थका, हारा महसूस करें, इनमें से कोई एक गाना लगा लीजिए। ये गीत आपको याद दिलाएंगे कि इस देश की नींव इतनी मजबूत है कि कोई भी तूफान इसे हिला नहीं सकता। ये गाने हमें बताते हैं कि देशभक्ति सिर्फ झंडा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि हर दिन ईमानदारी से काम करने, दूसरों की मदद करने और देश का नाम रोशन करने में है।
तो आइए, इन गानों की तरह ही हम भी अपनी ज़िंदगी की धुन बनाएं – एक ऐसी धुन जिसमें देशप्रेम की लय हो, एकता का सुर हो और प्रगति का ताल हो। क्योंकि, जैसा कि एक गीत कहता है – “कंधों से मिलते हैं कंधे”… और यही इस देश की ताकत है।
वंदेमातरम जय हिंद!










