इटारसी। शहर में स्टांप वेंडरों द्वारा की जा रही कथित अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को उप पंजीयक कार्यालय में स्टांप वेंडरों के विक्रय रजिस्टरों और दस्तावेजों की सघन जांच शुरू की गई।
अधिवक्ताओं ने की थी शिकायत
इटारसी तहसील के समस्त अधिवक्ताओं ने उप पंजीयक को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शासन द्वारा अधिकृत स्टांप वेंडर 200, 500 और 1000 रुपये के स्टांप पर 40 से 50 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं। इस मनमानी के कारण पढ़ाई करने वाले गरीब और विकलांग छात्र-छात्राओं को शपथ पत्र बनवाने में भारी आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
दस्तावेज अपडेट करने के सख्त निर्देश
शिकायत मिलते ही उप पंजीयक संजय चौखे ने कार्रवाई करते हुए सभी सर्विस प्रोवाइडर के दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान जिन वेंडरों के दस्तावेजों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उप पंजीयक संजय चौखे ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के आधार पर रजिस्टरों की जांच की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।









