इटारसी। प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन ने छात्र हित और शिक्षा की मर्यादा को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। नमक रेस्टोरेंट में आयोजित संगठन की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब किसी भी बाहरी संस्था या संगठन के कार्यक्रमों में स्कूली छात्र-छात्राओं को नहीं भेजा जाएगा। संघ ने दो टूक कहा है कि बच्चों का समय पढ़ाई के लिए है, न कि राजनीतिक या सामाजिक आयोजनों की भीड़ बढ़ाने के लिए।
दबाव की राजनीति पर जताई चिंता
बैठक में स्कूल संचालकों ने साझा किया कि अक्सर कतिपय संगठनों द्वारा विभिन्न आयोजनों के नाम पर स्कूलों से सहयोग मांगा जाता है और बच्चों को भेजने के लिए दबाव बनाया जाता है। संघ ने निर्णय लिया है कि यदि भविष्य में कोई संगठन इस तरह का अनुचित दबाव बनाता है, तो स्कूल प्रबंधन सीधे एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे।
बैठक के मुख्य निर्णय
- 5 वीं-8वीं बोर्ड का विरोध : संघ ने मांग उठाई है कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्तर पर कक्षा 5वीं एवं 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की जानी चाहिए।
- फीस नियमन : स्कूलों की आर्थिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए परीक्षा से पूर्व प्रत्येक विद्यार्थी की फीस जमा होना अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।
- आरटीआई पोर्टल पर मंथन : शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों की जानकारी पोर्टल पर लॉक करने की नई व्यवस्था और उसमें आ रही तकनीकी विसंगतियों पर सदस्यों ने विचार साझा किए।

सामाजिक सरोकार और उत्सव
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा के साथ-साथ संघ ने आगामी दिनों में जनहित के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में जनवरी माह में जन्मे सदस्य साथियों का पुष्पहार एवं पुष्पगुच्छ से सम्मान कर जन्मदिन मनाया गया।
बैठक जिला अध्यक्ष एवं संरक्षक शिव भारद्वाज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस अवसर पर जाफर सिद्दीकी, दीपक अग्रवाल, नटवर पटेल, प्रदीप जैन, नीलेश जैन, मंजू ठाकुर, श्वेता वशिष्ठ, रितेश शर्मा, प्रशांत चौबे, अर्पित दीक्षित और रमेश प्रधान सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे।









