नए बस स्टैंड के आगाज के साथ उभरे कई सवाल
इटारसी। आज एक बड़े युग का अंत और नई व्यवस्था की शुरुआत हुई। करीब 3 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद तवा कॉलोनी स्थित नया बस स्टैंड आज से पूरी तरह संचालित हो गया। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पुराने बस स्टैंड को पूरी तरह बंद कर दिया है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने का यह मास्टरप्लान पहले ही दिन विवादों और जनता की शिकायतों के घेरे में आ गया।
पहले दिन क्या रहा हाल?
रविवार सुबह से ही आरटीओ रिंकू शर्मा, सीएमओ ऋतु मेहरा ने पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। ओवरब्रिज पर नाकाबंदी कर बसों को नए स्टैंड की ओर मोड़ा गया। पुराने बस स्टैंड पर जहां कभी भारी भीड़ होती थी, वहां आज सन्नाटा पसरा रहा।
आमजन की जेब पर महंगाई की मार
- दोगुना हुआ किराया : पहले यात्री रेलवे स्टेशन से पैदल ही पुराने स्टैंड पहुंच जाते थे। अब नए स्टैंड जाने के लिए 10 प्रति सवारी ऑटो किराया देना होगा। यानी नर्मदापुरम जाने वाले यात्री का खर्च 30 से बढ़कर 40 हो गया।
- छात्रों का बजट बिगड़ा : केसला ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सैकड़ों गरीब छात्रों के लिए हर महीने 500 से 600 का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
- श्रद्धालु हुए परेशान : माघी पूर्णिमा पर नर्मदा स्नान के लिए आए यात्रियों को नई व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। वे पुराने स्टैंड पर भटकते नजर आए।
व्यापारियों का दर्द, बोनी तक नहीं हुई
पुराने बस स्टैंड के दुकानदार वीरेंद्र मालवीय और संजय यादव ने बताया कि बसों के बंद होने से ग्राहक गायब हैं। दोपहर तक एक पाउच तक नहीं बिका। छोटे दुकानदारों को अब अपने रोजगार के खत्म होने का डर सता रहा है।
प्रशासन का पक्ष : व्यवस्था सुधारने में लगेगा वक्त
नई व्यवस्था को आत्मसात करने में समय लगता है। नए बस स्टैंड पर सफाई, पंखे और शौचालय जैसी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए अब यही व्यवस्था लागू रहेगी।
— रिंकू शर्मा, आरटीओ नर्मदापुरम









