- भोपाल की टीम ने नवाचार को बताया ऐतिहासिक, नर्मदापुरम के पायलट प्रोजेक्ट में दिखे क्रांतिकारी परिणाम
इटारसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘बेहतर शिक्षा संकल्प’ और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की प्रेरणा से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक क्रांति की पदचाप सुनाई देने लगी है। प्रभारी अपर संचालक डॉ. मनीष वर्मा के मार्गदर्शन में नर्मदापुरम ब्लॉक में चलाए गए ‘अंग्रेजी नवाचार पायलट प्रोजेक्ट’ के परिणामों ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। निरीक्षण के लिए भोपाल से आई उच्च शिक्षा संस्थान की टीम ने इस पहल को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया है।
‘वर्ड यूज मेथड’ अब रटना नहीं, समझना होगा
इस नवाचार की सबसे बड़ी विशेषता ‘वर्ड यूज मेथड’ है, जिसे नई दिल्ली के रिसर्चर संजय जैन और उनकी टीम ने विकसित किया है। यह पद्धति रटने की पारंपरिक पद्धति को चुनौती देती है।
- बिना रटे वाक्य निर्माण : बच्चों को प्रश्न-उत्तर रटाने के बजाय शब्दों के सही उपयोग और गतिविधि आधारित अभ्यास पर जोर दिया जाता है।
- 95 फीसद कॉमन वर्ड्स : तकनीक इस सिद्धांत पर काम करती है कि अंग्रेजी के अधिकांश शब्द हर कक्षा में समान होते हैं। समझ विकसित होते ही छात्र स्वयं वाक्य बनाने लगते हैं। मॉड्यूल में लिखने के साथ-साथ बोलने पर भी विशेष फोकस किया गया है।
भोपाल की टीम ने किया औचक निरीक्षण
उच्च शिक्षा संस्थान भोपाल के संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार एवं प्रो. डॉ. माधवी खरे के निर्देशन में चार सदस्यीय दल फूल सिंह विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा, श्रीमती ऊषा अहिरवार और नवल सिंह टैगोर ने 2 दिनों तक 15 स्कूलों का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। टीम ने पाया कि इस विधि से कमजोर छात्र भी आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी बोल पा रहे हैं।
अब प्रदेश स्तर पर लागू होगी योजना
डॉ. मनीष वर्मा ने घोषणा की है कि अंग्रेजी की सफलता के बाद अब गणित और हिंदी विषयों के लिए भी ऐसी ही कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। आगामी सत्र से इसे पूरे मध्य प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को बेस्ट परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा।









