इटारसी। समीपस्थ ग्राम सोमलवाड़ाखुर्द में एक घर का बोरवेल इन दिनों चर्चा और दहशत का केंद्र बना हुआ है। यहां एक 25 साल पुराने नलकूप से पिछले एक माह से लगातार खौलता हुआ गर्म पानी निकल रहा है। शुरुआत में इसे चमत्कार माना जा रहा था, लेकिन लैब रिपोर्ट के नतीजों ने विशेषज्ञों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
नहाने के लिए मिलाना पड़ रहा ठंडा पानी
ग्रामीण आकाश महालहा के घर लगे इस बोरवेल से निकलने वाले पानी का तापमान इतना अधिक है कि परिवार को दैनिक कार्यों के लिए इसमें ठंडा पानी मिलाना पड़ रहा है। आकाश का कहना है कि अब उन्हें पीने के पानी के लिए पड़ोसियों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
लैब रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जब इस पानी की जांच कराई गई, तो आंकड़े सामान्य से कहीं ज्यादा खतरनाक निकल।
- पीएच लेवल : 5.90 (अत्यधिक अम्लीय)
- हार्डनेस : 600 (सामान्य से दोगुना)
- टीडीएस : 545
विशेषज्ञ की राय : 41 वर्षों का अनुभव रखने वाले जल विशेषज्ञ मुकेश राजेन्द्र प्रसाद ने चेतावनी दी है कि जमीन के भीतर सल्फर की अत्यधिक मात्रा होने के कारण पानी गर्म निकल रहा है। यह स्थिति छिंदवाड़ा रोड स्थित अनहोनी जैसे गर्म जल स्रोतों के समान हो सकती है।
सावधान! पानी दे सकता है कैंसर और हार्ट डिजीज
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पानी का उपयोग स्लो पॉइजन जैसा है। इसके उपयोग से निम्नलिखित गंभीर खतरे हो सकते हैं।
- कैंसर और चर्म रोग : सल्फर युक्त गर्म पानी से नहाने पर स्किन कैंसर का खतरा रहता है।
- हृदय और किडनी की समस्या : 600 पीपीएम की हार्डनेस नसों में ब्लॉकेज और किडनी स्टोन पैदा कर सकती है।
- पेट की बीमारियां : 5.90 पीएच लेवल दांतों और पेट की अंदरूनी परत को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।
गांव में कौतूहल और डर का माहौल
ग्रामीण सुशांत मेहतो और सौरभ मेहतो ने बताया कि आसपास के अन्य बोरवेल का पानी सामान्य है, लेकिन इस विशिष्ट बोरवेल को देखने दूर-दराज से लोग आ रहे हैं। वहीं प्रतीश महालहा ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद से घर में पानी का उपयोग करना डरावना हो गया है।
एक्सपर्ट एडवाइस : क्या करें?
जल विशेषज्ञों की स्पष्ट राय है कि प्रभावित परिवार को इस बोरवेल का उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए और तत्काल नया बोरवेल करवाना चाहिए। यदि आपके क्षेत्र में भी पानी के रंग, गंध या तापमान में बदलाव दिखे, तो उसे चमत्कार समझने की भूल न करें और तत्काल लैब टेस्ट कराएं।









