- पशुपतिनाथ मंदिर में शिवपुराण कथा के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, रुद्राक्ष वितरण और रुद्र यज्ञ जारी
इटारसी। पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित श्रीमद् शिवपुराण कथा के द्वितीय दिवस पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास देवी रत्नमणि द्विवेदी ने शिवपुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक कथाओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और मोक्ष का मार्ग है।
पापों से मुक्ति और मनोकामना सिद्धि का मार्ग
कथा के दौरान देवी रत्नमणि ने बताया कि शिवपुराण का श्रवण करने से मनुष्य के न केवल इस जन्म के, बल्कि पूर्वजन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा, भगवान भोलेनाथ अत्यंत दयालु हैं और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। जो भक्त सच्चे मन से शिवपुराण का पाठ या श्रवण करता है, उसकी विवाह, नौकरी और स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नि:संतान दंपत्तियों के लिए यह कथा संतान प्राप्ति का आशीर्वाद लेकर आती है।
आधुनिक विज्ञान और शिवपुराण का मेल
देवी रत्नमणि ने कथा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि शिवपुराण एक आधुनिक वैज्ञानिक ग्रंथ है। इसके सिद्धांत वर्तमान विज्ञान, विशेषकर क्वांटम मैकेनिक्स से मेल खाते हैं। यह ग्रंथ घर से नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सुख-शांति और सकारात्मकता का संचार करता है।
रुद्र यज्ञ और रुद्राक्ष वितरण
पशुपतिनाथ मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी यह भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के साथ-साथ परिसर में रुद्र यज्ञ और रुद्राक्ष वितरण का कार्यक्रम भी चल रहा है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उठा रहे हैं। कथा के मुख्य यजमान मेहरबान सिंह चौहान ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। गौरतलब है कि इस कथा का शुभारंभ रविवार को एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ था। आज के कार्यक्रम में पशुपतिनाथ मंदिर समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया।









