इटारसी। जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल तिलक सिंदूर में आगामी 14 फरवरी से 16 फरवरी तक तीन दिवसीय मेले का आयोजन होने जा रहा है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या और आस्था को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशन और एसडीएम इटारसी नीलेश शर्मा के मार्गदर्शन में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत केसला सुमन खातरकर को मेला अधिकारी नियुक्त किया है। सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है।
- सुरक्षा बल : मेला परिसर की सुरक्षा के लिए लगभग 200 पुलिस जवान तैनात रहेंगे।
- कंट्रोल रूम : पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने हेतु एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
- निरंतर समीक्षा : अनुविभागीय दंडाधिकारी इटारसी नीलेश शर्मा स्वयं मेला स्थल का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं


मेला क्षेत्र में आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन ने ये सुविधाएं सुनिश्चित की हैं।
- यातायात एवं पार्किंग : भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
- स्वच्छता और पेयजल : परिसर में 20 शुष्क शौचालय और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जा रहे हैं। पीएचई विभाग को नियमित पेयजल जांच के निर्देश दिए गए हैं।
- बिजली और आपातकालीन सेवा : एमपीईबी को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए फायर फाइटर और अग्निशामक यंत्रों की व्यवस्था की गई है।
आस्था का केंद्र है तिलक सिंदूर
महाशिवरात्रि और बसंत के इस पावन समय पर बाबा भोलेनाथ के दर्शन हेतु जिले भर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि इस वर्ष भी भक्त बिना किसी असुविधा के सुगमता से भगवान की आराधना कर सकें।
कैसे जाएं तिलक सिंदूर
तिलक सिंदूर मंदिर जाने के लिए आप इटारसी से सड़क मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
- दूरी और समय : इटारसी से तिलक सिंदूर मंदिर की दूरी लगभग 18.5 किमी है, जिसमें कार से जाने पर करीब 36 मिनट का समय लग सकता है।
- रास्ता : आप धरमकुंडी-इटारसी रोड और जमानी तिलक सिंदूर मार्ग के जरिए वहां पहुंच सकते हैं।
- मेले के दौरान यातायात : 14 से 16 फरवरी 2026 तक लगने वाले मेले के कारण प्रशासन ने वाहनों दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की है।
विशेष सावधानी : जुझारपुर रेलवे गेट को मरम्मत के कारण 1 महीने के लिए बंद किया गया है, इसलिए आपको वैकल्पिक रास्ते का उपयोग करना पड़ सकता है। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस गेट को मेले के दौरान खोलने की मांग भी की गई है।









