पचमढ़ी। श्रद्धा जब चरम पर हो, तो दुर्गम रास्ते भी सुगम हो जाते हैं। मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु उमड़ पड़े हैं।
कठिन डगर, अटूट विश्वास
पचमढ़ी के प्रसिद्ध चौरागढ़ महादेव तक पहुंचने का मार्ग ऊंचे पहाड़ों और संकरी पगडंडियों से भरा है, लेकिन भक्तों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा। रात्रि के अंधकार में भी मशालों और टॉर्च की रोशनी के बीच श्रद्धालुओं की लंबी कतारें शिवभक्ति की अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। भारी बोझ और त्रिशूल लिए भक्त बम-बम भोले के जयकारों के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशासन की सेवा ही संकल्प की भावना
मेले की संवेदनशीलता और विशाल जनसमूह को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
- स्वास्थ्य सेवाएं : चौरागढ़, नांदिया जंक्शन, बड़ा महादेव और जटाशंकर जैसे प्रमुख स्थलों पर मेडिकल टीमें 24*7 तैनात हैं।
- त्वरित उपचार : ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर और जीवनरक्षक दवाओं से लैस पैरामेडिकल स्टाफ हाथ-पैर दर्द, घबराहट और डिहाइड्रेशन से जूझ रहे यात्रियों को तत्काल राहत पहुँचा रहा है।
- एंबुलेंस सुविधा : गंभीर स्थिति में मरीजों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचमढ़ी रेफर करने के लिए एंबुलेंस मुस्तैद रखी गई हैं।
देवदूत बनकर उभरा आपदा प्रबंधन दल
दुर्गम रास्तों पर आपदा प्रबंधन दल और एनडीआरएफ के जवान किसी देवदूत से कम साबित नहीं हो रहे हैं। हाल ही में अमरावती निवासी एक बुजुर्ग और छिंदवाड़ा के एक युवक को चोट लगने व ऑक्सीजन की कमी होने पर टीम ने स्ट्रेचर के माध्यम से दुर्गम पहाडिय़ों से नीचे उतारकर अस्पताल पहुँचाया, जिससे उनकी जान बच सकी।
बिछड़ों को मिला रहे खोया-पाया केंद्र
भीड़ के बीच अपनों से बिछड़ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र वरदान साबित हो रहे हैं। हाल ही में 6 वर्षीय बालक नित्य को उसके पिता अनूप रत्न से मिलाकर केंद्र के कर्मियों ने मानवीयता की मिसाल पेश की।
15 फरवरी तक रहेगा मेला
यह आध्यात्मिक समागम 15 फरवरी तक जारी रहेगा। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु धैर्य बनाए रखें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल नजदीकी सहायता केंद्र से संपर्क करें।









