इटारसी। देश के सबसे बड़े श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय आह्वान पर आज आयुध निर्माणी इटारसी में ‘आयुध निर्माणी कर्मचारी संघ’ द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। नई श्रम कानून नीति में बदलाव और कर्मचारी हितों की रक्षा को लेकर यूनियन ने नारेबाजी की और प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय श्रम मंत्री के नाम एक ज्ञापन मुख्य महाप्रबंधक आलोक कुमार अग्रवाल को सौंपा।
प्रमुख मांगें जिन पर रहा जोर
यूनियन ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी 13 सूत्रीय मांगों को रखा है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं,
- पेंशन और सुरक्षा: एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना।
- निजीकरण पर रोक: रक्षा संस्थानों और केंद्रीय विभागों में निजीकरण एवं निगमीकरण की नीति को तत्काल वापस लेना।
- नियमितीकरण: ठेका प्रथा को बंद करना और संविदा/अस्थायी श्रमिकों को नियमित करना।
- भर्ती और वेतन: रिक्त पदों पर सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, आठवें वेतन आयोग के अनुरूप PLB का भुगतान और बोनस पात्रता सीमा में वृद्धि।
- चिकित्सा और कानून: श्रमिकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और लेबर लॉ की विसंगतियों को दूर कर इसे सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू करना।
इस दौरान भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल और महामंत्री श्रीकृष्णा शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित किया।कार्यक्रम में राजेश रोशन, योगेश पटेल, अतुल सिंह, सत्येंद्र शाक्या, जोधराज पारेता, शैलेश सौरव, रमेश कुमार, दिनेश सैनी, प्रमोद नंदी, रामू सिंह सहित बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी और आयुध निर्माणी के कर्मचारी मौजूद रहे।









