इटारसी। इस बार होली का उल्लास केवल धरती पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी अनूठा होगा। 3 मार्च, मंगलवार को पूर्णिमा के अवसर पर साल का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, इस बार चंद्रमा भी रंगों के त्यौहार में शामिल होने के लिए ‘तामिया लाल’ रंग में रंगा नजर आएगा।
क्या है ‘ब्लड मून’ और क्यों दिखेगा लाल?
सारिका घारू ने बताया कि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की नीली रोशनी को बिखेर देता है और केवल लाल प्रकाश ही चंद्रमा तक पहुंचता है। इस कारण चंद्रमा गहरा लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
भारत में ‘ग्रस्तोदय’ के रूप में दिखेगा ग्रहण
भारत में यह ग्रहण ‘आंशिक’ रूप में और ‘ग्रस्तोदय’ के रूप में देखा जा सकेगा। इसका अर्थ है कि जब चंद्रमा उदय होगा, तब उस पर ग्रहण पहले से लगा होगा। आंशिक ग्रहण दोपहर 03:20 बजे से शुरू हो चुका होगा, शाम 06:47 बजे ग्रहण पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय से लेकर शाम 06:47 तक ही इसे देखा जा सकेगा।
एमपी के प्रमुख शहरों में ग्रहण का समय
सारिका घारू के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में ग्रहण ज्यादा देर दिखेगा, पश्चिमी हिस्सों में कुछ ही मिनटों के लिए नजर आएगा।
शहर – दिखना शुरू (शाम) – समाप्ति (शाम)
सिंगरौली 06: 01 बजे – 06:47 बजे
जबलपुर 06:13 बजे – 06:47 बजे
सागर/छिंदवाड़ा 06:18 बजे – 06:47 बजे
नर्मदापुरम 06:23 बजे – 06:47 बजे
भोपाल 06:24 बजे – 06:47 बजे
इंदौर/उज्जैन 06:30 बजे – 06:47 बजे
अलीराजपुर 06:37 बजे – 06:47 बजे
महत्वपूर्ण तथ्य और सुरक्षा
विश्व व्यापी असर : इस खगोलीय घटना को एशिया, ऑस्ट्रेलिया और उत्तर अमेरिका के देशों में देखा जा सकेगा। विश्व की लगभग 63 फीसद आबादी इस ग्रहण का हिस्सा देख पाएगी।
देखने का तरीका : सारिका घारू ने स्पष्ट किया कि चंद्रग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं है। इसे नग्न आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
पूर्वोत्तर नगरों में चंद्रोदय जल्दी होने के कारण वहां इसे अधिक देर तक देखा जा सकेगा। मध्य प्रदेश में सिंगरौली से अलीराजपुर के बीच समय का करीब 36 मिनट का अंतर रहेगा।
— सारिका घारू








