इटारसी। होली का त्योहार खुशियों और रंगों का संगम है, लेकिन इटारसी के सिंधी समाज ने आज इस पर्व को एक बेहद भावुक और सराहनीय परंपरा के साथ मनाया। ‘पूज्य पंचायत सिंधी समाज’ ने सिंधु भवन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य उन परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाना था, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में अपने किसी प्रियजन को खोया है।
इटारसी के सिंधु भवन में आज नजारा कुछ अलग था। यहां होली की हुड़दंग नहीं, बल्कि एक गंभीर और मर्यादित आयोजन हुआ। परंपरा के अनुसार, समाज के उन परिवारों को आमंत्रित किया गया जिनके घर इस वर्ष सूतक या शोक का माहौल था। समाज के वरिष्ठ जनों ने इन परिवारों के सदस्यों को तिलक लगाकर और गुलाल अर्पित कर उन्हें सांत्वना दी। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शोक संतप्त परिवारों को फिर से सामाजिक गतिविधियों और आगामी मांगलिक कार्यों से जोडऩा है।
पूज्य पंचायत सिंधी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश नवलानी ने बताया कि सिंधी समाज की यह सदियों पुरानी परंपरा न केवल भाईचारे का प्रतीक है, बल्कि यह भी सिखाती है कि सुख हो या दुख, पूरा समाज एक परिवार की तरह खड़ा रहता है।








