इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ ने उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के त्रैमासिक कैलेंडर के परिपालन में साइबर सुरक्षा : डिजिटल युग में सुरक्षा और नीति विषय पर एक विशेष व्याख्यान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनभागीदारी समिति अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन, प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. राजदीप भदौरिया, शासकीय विधि महाविद्यालय, नर्मदापुरम ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. रश्मि तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय नहीं, बल्कि हमारी डिजिटल जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि सतर्कता ही समाज को साइबर अपराधों से बचाने का एकमात्र मार्ग है।
विधि विशेषज्ञ डॉ. राजदीप सिंह भदौरिया ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर चुनौतियों से अवगत कराया, विशेष रूप से महिलाओं के लिए साइबर सुरक्षा और जागरूकता पर केंद्रित चर्चा की। डॉ. भदौरिया ने डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, डिजिटल अरेस्ट, पासवर्ड सुरक्षा और एथिकल हैकिंग जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आईटी एक्ट की व्याख्या करते हुए विद्यार्थियों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक गुर सिखाए।
डॉ. राकेश मेहता ने कंप्यूटर सिस्टम और नेटवर्क को अनधिकृत पहुंच से बचाने के महत्व को समझाया। उन्होंने आगाह किया कि हैकर्स व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण चुराने के लिए नित नई तकनीकें अपना रहे हैं। डॉ. नीरज जैन ने कहा कि जैसे-जैसे तकनीक विकसित हो रही है, वैसे ही अपराध भी बढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों को संदिग्ध लिंक और नकली वेबसाइटों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
संचालन और आभार प्रदर्शन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के सह-संयोजक डॉ. व्हीके कृष्णा ने किया। इस अवसर पर डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. सुसन मनोहर, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. पीके अग्रवाल सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









