इटारसी। अभी मार्च का पहला पखवाड़ा भी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इटारसी में भीषण गर्मी की आहट ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। शहर के वार्ड 17, 33 और 34 में जल संकट इतना गहरा गया है कि नगर पालिका को टैंकरों के जरिए वैकल्पिक जलापूर्ति करनी पड़ रही है।
धोखेड़ा पंपसेट फेल : 3 दिनों से शहरवासी परेशान
बीते तीन दिनों से शहर में तवा जल प्रदाय योजना की सप्लाई बाधित है। धोखेड़ा पंपसेट के पास स्थित ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी ने पूरी व्यवस्था को ठप कर दिया है। नगर पालिका जल शाखा प्रभारी सहायक इंजीनियर आदित्य पांडे ने बताया कि ट्रांसफार्मर सुधार का कार्य अंतिम चरण में है। आज शाम तक कार्य पूरा होने के बाद संभवत: शुक्रवार से धोखेड़ा पाइपलाइन से तवा के पानी की सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी।
इन क्षेत्रों में स्थिति सबसे गंभीर
नगर पालिका द्वारा वर्तमान में दो टैंकरों के जरिए शहर के इन हिस्सों में जलापूर्ति की जा रही है। वार्ड 16-17 सोनासांवरी नाका और बैंक कॉलोनी क्षेत्र के अलावा वार्ड 33-34 के नरेंद्र नगर, वेंकटेश नगर और जमानी ग्राम पहुंच मार्ग। वार्ड 17 के पार्षद प्रतिनिधि अभिषेक साहू ने बताया कि जनता को राहत देने के लिए प्रतिदिन टैंकरों के कई फेरे लगवाए जा रहे हैं, क्योंकि नलों में पानी का दबाव बेहद कम है।
प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा
वार्ड 16 के पार्षद अमित कापरे ने नपा अधिकारियों के कार्य रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही ऐसे हालात बनना प्रबंधन की बड़ी विफलता है। कापरे ने चेतावनी दी है कि यदि अप्रैल, मई और जून के लिए अभी से वाटर एक्शन प्लान तैयार नहीं किया, तो आगामी महीनों में स्थिति बेकाबू हो जाएगी।
बड़ी चुनौती : अगले 3 महीने रहेंगे भारी
विशेषज्ञों और स्थानीय जानकारों का मानना है कि इस बार गर्मी के तेवर तीखे रहने वाले हैं। ऐसे में पाइपलाइन में तकनीकी सुधार के साथ-साथ नगर पालिका को टैंकरों की संख्या बढ़ाने और नए जल स्रोतों पर विचार करना होगा। फिलहाल, पूरे शहर की उम्मीदें शुक्रवार को बहाल होने वाली सप्लाई पर टिकी हैं।








