- किसानों को प्राकृतिक कृषि से जोड़ धरती की सेहत सुधारने की मुहिम
इटारसी। रसायनों के बढ़ते प्रभाव के बीच मिट्टी की उर्वरता और जन-स्वास्थ्य को बचाने के लिए ग्राम रोहना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ग्राम सेवा समिति के तत्वावधान में हुई इस चर्चा का मुख्य केंद्र ‘जैविक खेतीÓ और किसानों को ‘प्राकृतिक कृषि’ के प्रति जागरूक करना रहा।
आत्मा परियोजना : 80 किसानों ने लिया संकल्प
बैठक में जानकारी देते हुए कृषि सखी ज्योति सामले ने बताया कि आत्मा परियोजना के तहत क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अब तक लगभग 80 किसानों ने अपनी 1-1 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती करने के लिए पंजीकरण करा लिया है। गौरव तिवारी के मार्गदर्शन में इस परियोजना को गति दी जा रही है और वर्तमान में मिट्टी परीक्षण का कार्य निरंतर जारी है।
10 वर्षों का संघर्ष और ‘जैविक बाजार’ की परिकल्पना
ग्राम सेवा समिति के प्रमुख सुरेश दीवान ने बताया कि संस्था पिछले 10 वर्षों से किसानों को जैविक उत्पादों के प्रति प्रोत्साहित कर रही है। महिलाओं को देसी बीज संरक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि खेती की लागत कम हो और पुरानी परंपराएं जीवित रहें। संस्था के पदाधिकारी हेमंत दुबे ने बताया कि किसानों के उत्पादों को सही मंच देने के लिए इटारसी में जैविक बाजार की शुरुआत की गई है। इस बाजार को प्रशासनिक सहयोग से स्थान उपलब्ध कराया गया है, जहां हर रविवार किसान अपने उत्पाद बेचते हैं।
विशेषज्ञों और मीडिया का साथ
बैठक में भोपाल से आए स्वतंत्र पत्रकार राजेश मालवीय ने इस नेक कार्य की सराहना करते हुए इसे प्रदेश स्तर पर प्रचारित करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में जैविक कृषक रूप सिंह राजपूत ने भी अपने अनुभव साझा किए और अन्य किसानों से अपनी जमीन के एक हिस्से पर जैविक प्रयोग शुरू करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर नरेंद्र चौधरी, संस्कार गौर, राकेश मालवीय, ज्योति सामले, गीता श्रीवास, कैलाश गौर और रमेश हांकिया सहित आजीविका मिशन और ग्राम सेवा समिति के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। कृषि विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह टीम अब गांव-गांव जाकर जैविक खेती का विस्तार करने में जुटी है।









