इटारसी। शासकीय एमजीएम कालेज में छात्रसंघ चुनाव के दौरान झगड़े का इतिहास रहा है। इस वर्ष भी इसकी शुरुआत हो ही गई। आज सुबह 10 से 11 बजे के बीच कक्षा प्रतिनिधि प्रत्याशियों के नामांकन का वक्त था। इस दौरान कुछ मुद्दों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पदाधिकारियों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ और दोनों संगठन के नेता आमने-सामने आकर एकदूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
कालेज प्रबंधन की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस बल कालेज पहुंच गया। दोनों गुट के छात्रनेताओं को अलग-अलग किया और विवाद को किसी तरह से शांत कराया। हालांकि जिस तरह से विवाद हुआ है, उससे इसके जल्द शांत होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि दोनों ही संगठन के नेता इस तरह के विवाद के पीछे कालेज प्रबंधन को दोषी ठहरा रहे हैं।
एनएसयूआई के प्रतीक मालवीय का कहना है कि कालेज में विद्यार्थी परिषद के सदस्य फर्जी आईडी के साथ परिसर में घूम रहे हैं। कुछ नेता दीवार कूदकर परिसर में आ रहे हैं, इसका विरोध किया तो वे विवाद करने पर उतारू हो गए। जवाब में पूर्व छात्र नेता जोगिन्दर सिंघ का कहना है कि यदि कोई फर्जी है तो यह कालेज प्रबंधन को देखना है, वे बाहर करेंगे। यदि कोई विवाद होता है तो कालेज प्राचार्य प्रमोद पगारे और कुछ अन्य प्रोफेसर्स इसके लिए जिम्मेदार होंगे। एनएसयूआई के एक अन्य छात्र नेता सौम्या दुबे का कहना है कि कालेज प्रबंधन सत्तादल से जुड़े छात्र संगठन का साथ दे रहा है, हमारे प्रत्याशियों को प्रताडि़त कर रहे हैं।
एमजीएम कालेज में विवाद, दोनों संगठन आमने-सामने
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