इटारसी। सदर्न एक्सप्रेस में मिले एक लावारिश बैग को आज दोपहर करीब 3 बजे दो टीटीई और दो आरपीएफ के जवानों में तीखी बहस हो गई। दोनों पक्ष जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाल रहे थे। प्लेटफार्म पर करीब आधा घंटे चले बहस को सैंकड़ों यात्रियों ने देखा और इसका वीडियो भी बनाया है, जबकि आरपीएफ के जिम्मेदार ऐसी किसी भी घटना होने से साफ इनकार कर रहे हैं।
घटना प्लेटफार्म क्रमांक 1 की है, जब 12721 दक्षिण एक्सप्रेस नागपुर से इटारसी पहुंची। इस ट्रेन के कोच एस-12 के बर्थ नंबर 57-58 पर एक लाल रंग का बैग रखा देखकर यात्रियों ने इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद टीटीई लक्ष्मण सिंह को दी। उन्होंने यह सूचना रेलवे कंट्रोल के साथ ही इटारसी आरपीएफ को भी दी।
यह था घटनाक्रम
ट्रेन जब इटारसी पहुंची तो टीटीई के बताए कोच के पास आरपीएफ के प्रधान आरक्षक संतोष सिंह भदौरिया और आरक्षक सर्वेश मीणा पहुंचे। टीटीई ने उन्हें बैग सौंपना चाहा तो उन्होंने कहा कि थाने चलकर मेमो दें, इसके बाद ही वे बैग सुपुर्द लेंगे। टीटीई ने थाने जाने से इनकार करते हुए कहा कि मैंने मेमो भेज दिया है, अब आपकी जिम्मेदारी है, थाने जाना मेरा काम नहीं है, इस पर बहस बढ़ गई। इस बीच प्रधान आरक्षक पर टीटीई ने हाथ पकड़कर थाने ले जाने का आरोप लगाते हुए चिल्लाना शुरु कर दिया। जानकारी मिलने पर प्लेटफार्म एक पर स्थित टीटीई रूम से अन्य टीटीई भी आ गए और उन्होंने भी आरपीएफ जवानों का विरोध करना प्रारंभ कर दिया था।
थाने जाकर मामला शांत
करीब आधा घंटे चली बहस और एकदूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में दोनों पक्ष एकदूसरे से कमजोर नहीं पड़ रहे थे। जहां टीटीई ने बैग को थाने जाकर मेमो देकर सौंपने की जिम्मेदारी से खुद को अलग किया वहीं आरपीएफ के आरक्षक और प्रधान आरक्षक ने भी उन्हीं के अंदाज में इस बात से इनकार कर दिया कि यह उनकी जिम्मेदारी है। काफी देर तक दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। टीटीई दल में से कुछ लोगों ने समझा-बुझाकर मामला शांत करने का प्रयास किया। आखिरकार दोनों पक्षों को मामला सुलझाने आरपीएफ थाने जाना ही पड़ा। थाने जाकर मामला शांत हुआ और बैग जमा किया। आधा घंटे तक प्लेटफार्म क्रमांक एक पर चली बहस को मौजूद सैंकड़ों यात्रियों ने सुना।
इनका कहना है…!
बहस जैसी कोई घटना या विवाद नहीं हुआ है। दोनों पक्ष मेरे पास भी आए थे और यहां आकर बैग जमा भी कर दिया है।
भारत सिंह, एसआई आरपीएफ








