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खबर अपटेड : नींद में खलल का विरोध, बना हत्या की वजह

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इटारसी। जुगनू की हत्या जरा सी बात पर कर दी गई। दरअसल मृत्युंजय टाकीज के पास सो रहे जुगनू ने वहीं समीप में आपस में लड़ रहे दो लड़कों को नींद में खलल पडऩे पर झगडऩे से मना किया था। बीच में जुगनू का बोलना झगड़ रहे एक लड़के को नागवार गुजरा और उसने गुस्से में जुगनू को ईंट मार दी जिससे जुगनू बुरी तरह से घायल हो गया और बाद में उसकी उपचार के दौरान मौत हो गयी।
घटना के बाद उसके पास रखा मोबाइल, दो सौ रुपए और कुछ कागज लेकर भाग गया। पुलिस ने जांच के बाद संदीप मेहरा पिता बलीराम मेहरा 24 वर्ष, निवासी पीपल मोहल्ला को मामले में उसके वर्तमान निवास स्थान पथरोटा गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने मृतक जुगनू के खून से सने कपड़े, आरोपी संदीप के खून से सने कपड़े, वह ईंट जिससे मारा था, मृतक के दस्तावेज जब्त कर लिये। अब जुगनू का मोबाइल आरोपी से जब्त करना है, जो घटना के बाद वह अपने साथ ले गया था। एसपी श्री सक्सेना ने इस सनसनीखेज़ हत्याकांड को गंभीरता से लेकर खुलासा करने वाली टीम के लिए दस हजार रुपए का नगर पुरस्कार की घोषणा की है। आज शाम यहां पुलिस थाने में एडिशनल एसपी शशांक गर्ग ने एसडीओपी और टीआई विक्रम रजक के साथ मामले का खुलासा किया।

ऐसे हुई थी घटना
28-29 अक्टूबर की दरम्यानी रात 12:30 बजे से सुबह 7:30 बजे के बीच मृत्युंजय टाकीज के पास का वाकया है। जुगनू पिता गुरुबक्स गांधी 32 वर्ष, निवासी मालवीयगंज, जो दोनों पैर से दिव्यांग है, सो रहा था। यह अक्सर अपनी ट्रायसायकिल पर घूमता और कहीं भी सो जाता था। कुछ ही दूरी पर एक रिक्शा चालक शाहरुख ओझा और उसका साथी संदीप मेहरा सो रहे थे। इन दोनों में ओढऩे के चादर पर से विवाद हुआ और ये झगडऩे लगे। इस बीच जुगनू ने नींद में खलल पडऩे पर उनको झगडऩे से मना किया तो तो संदीप को यह टोकना अच्छा नहीं लगा और उसने गुस्से में आकर जुगनू के चेहरे पर पास ही पड़ी ईंट से हमला कर दिया। सुबह जुगनू के भांजे हरदीप सलूजा को जानकारी मिली तो उसने वाहन 108 की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे पांडेय हास्पिटल होशंगाबाद और वहां से हमीदिया अस्पताल भोपाल ले जाया गया। इस दौरान जुगनू को कभी होश नहीं आया, उपचार के दौरान ही मौत हो गयी।

ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी तक
पुलिस ने पहले इसे हत्या मानने से इनकार किया था। हालांकि पुलिस की जांच जारी थी। चोटें संदिग्ध लग रही थी, जांच आगे बढ़ी और जुगनू की चोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन के बाद घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी जांच की दिशा आगे बढ़ी। जुगनू के भांजे हरदीप सलूजा और घटना स्थल के साक्षी शाहरुख ओझा के बयान लिए और मुखबिर को भी पुलिस ने सक्रिय किया। सूचना के आधार पर जानकारी मिली कि जुगनू के अलावा उस दिन दो युवक और थे, जिनका रात में विवाद हुआ था। हत्या की पुष्टि होने के बाद आरोपी संदीप पिता बलीराम मेहरा के विरुद्ध थाना इटारसी में धारा 302 दर्ज कर विवेचना की। घटना के चश्मदीद साक्षी या साक्ष्य न मिलने से राज गहरा रहा था। एसपी अरविंद सक्सेना ने एसडीओपी अनिल शर्मा व तत्कालीन थाना प्रभारी आरएस चौहान के नेतृत्व में टीम बनायी। टीम की मेहनत के बाद ही हत्या का राज खुल सका।

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