इटारसी। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत, स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी के तहत शहर में अनेक गतिविधियां चल रही हैं। नवाचार के तहत आज आज स्थानीय सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उपस्थित चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. रविंद्र गुप्ता ने घर और किचिन से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने की विधि बताई। डॉ. गुप्ता ने कार्यशाला में बताया कि किस तरह से गृहणियां घर से निकले हुए कचरे को एकत्र कर उसे खाद में परिवर्तित कर सकती हैं। जिसका उपयोग वह घर में ही लगे पेड़ पौधे में कर सकती हैं। कार्यशाला उपरांत डॉ. गुप्ता शिक्षकों के प्रश्नों के उत्तर भी दिय। कार्यशाला में शाला प्राचार्य सिस्टर संध्या, सिस्टर पुष्पा, शिक्षक-शिक्षिकाएं, नपा की ओर से उमाकांत बडग़ोती, शिक्षक चिंटू जैन, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर रोहित नागे उपस्थित थे।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि किस तरह से हम अपने घर से निकलने वाले कचरे को खाद बनाने में उपयोग करके हजारों क्विंटल कचरा शहर में फैंकने से बच सकते हैं। यदि हम ऐसा कर पाए तो हमारे शहर का स्वच्छता के मामले में दृश्य ही बदल जाएगा। इस कचरे को बाहर फैकने से जहां पर्यावरण तो नहीं बिगड़ेगा बल्कि इसको पेड़ पौधों के लिए प्रयोग करके हम पर्यावरण की रक्षा में भी अपना योगदान दे सकते हैं। इसमें हर दिन केवल एक मिनट का वक्त ही लगता है।
टीम ने पेट्रोल पंप पर किया निवेदन
नगरपालिका की टीम ने आज शहर के पेट्रोप पंपों पर जाकर वहां के प्रबंधन को उनके टॉयलेट्स आमजन के उपयोग के लिए खोलने का निवेदन किया। दरअसल, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत पेट्रोप पंप संचालकों के लिए भी निर्देश हैं कि वे अपने यहां बने टॉयलेट्स का इस्तेमाल उन लोगों को भी करने दें, जो उनके यहां पेट्रोल भरवाने आते हैं। हालांकि ज्यादातर पेट्रोप पंप संचालकों ने बताया कि उनके यहां ऐसा हो रहा है।








