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पंजाब नेशनल बैंक कर्मियों से लूट के तीनों आरोपी गिरफ्तार

पंजाब नेशनल बैंक कर्मियों से लूट के तीनों आरोपी गिरफ्तार

पीएनबी में केसीसी का पूर्व एजेंट ही निकला मास्टर माइंड
फैक्ट फाइल
एक को कर्ज चुकाना था, दूसरे को ट्रैक्टर खरीदना और तीसरे को मकान में अच्छा कमरा बनवाना था
लूट में दस से पंद्रह लाख रुपए मिलने की थी उम्मीद, उस दिन बैंककर्मी पांच लाख लेकर ही निकले थे
लूट की वारदात से पूर्व दो बार की थी रैकी, तीसरी बार में दिया था लूट की वारदात को अंजाम।
इटारसी। पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक कर्मियों से लूट की चुनौतीपूर्ण वारदात के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से पुलिस ने करीब पौने चार लाख रुपए नगद बरामद भी किए हैं, जबकि घटना में प्रयुक्त बाइक, चाकू और पिस्टल भी बरामद की है। संपूर्ण वारदात के खुलासे में होशंगाबाद कोतवाली के एक सिपाही की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। घटना का मास्टर माइंड पहले पंजाब बैंक में केसीसी का एजेंट था और करीब ढाई वर्ष से बैंक में उसका आना-जाना था। दूसरा आरोपी ट्रैक्टर-ट्राली का ड्रायवर और तीसरा बुदनी के पास पंक्चर की दुकान चलाता है।
आज शाम को पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने घटना का खुलासा और गिरफ्तारी की प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर एडिशनल एसपी शशांक गर्ग, एसडीओपी अनिल शर्मा, टीआई इटारसी रामस्नेह चौहान, टीआई होशंगाबाद विक्रम रजक सहित वारदात के आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी में योगदान देने वाला पुलिस बल भी मौजूद था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को भी इस मौके पर पेश किया।

ऐसे हुई थी वारदात
विगत वर्ष 21 नवंबर 17 को सुबह करीब पौने बारह बजे पंजाब नेशनल बैंक की भीलाखेड़ी ब्रांच से कर्मचारी प्यून सौरभ पिता शैलेन्द्र साहू 25 वर्ष, निवासी बालागंज होशंगाबाद और कैशियर राजकुमार मालवीय रोज की तरह बाइक से जयस्तंभ के पास स्थित मुख्य शाखा से पांच लाख रुपए बैग में लेकर नयायार्ड स्थित भीलाखेड़ी ब्रांस के लिए निकले। नाला मोहल्ला पास तीन पुलिया के भीतर से प्रवेश करते ही बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने आगे बाइक अड़ाकर उनको गिरा दिया। उन्होंने पीछे बैठे सौरभ के सीने पर चाकू मारकर घायल किया व दूसरे ने एक देसी कट्टा राजकुमार पर अड़ाकर रखा और लूटकर भाग गए। रिपोर्ट पर थाना इटारसी में 394, 397 का प्रकरण पंजीबद्ध किया।

ये किया पुलिस ने
घटना की सूचना के तुरंत बाद पुलिस ने शहर की नाकाबंदी की। एसपी अरविंद सक्सेना और एडिशनल एसपी शशांक गर्ग ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और फरियादी के साथ जयस्तंभ चौक, तीन पुलिया और नयायार्ड जाने के रास्ते पर घटना का री-क्रिएशन आफ क्राइम इंसिडेंट के अपने अनुभव के आधार पर दिशा निर्देश तैयार किए। इटारसी और होशंगाबाद में तलाश शुरु की। सीसीटीवी फुटेज में तीनों संदेहियों के हुलिए और घटना में प्रयुक्त बाइक की जानकारी मिली तो जांच को दिशा मिली। सोशल मीडिया और सायबर सेल की मदद और मुखबिर तंत्र का सहयोग लिया। एसपी ने दस हजार और आईजी ने 25 हजार रुपए ईनाम की घोषणा इस मामले में की थी।

ऐसे मिली सफलता
एसपी ने मामले के खुलासे के लिए होशंगाबाद और इटारसी की ज्वाइंट कार्रवाई करायी। दोनों थाना प्रभारियों से लगातार संपर्क करते रहे। इस बीस होशंगाबाद पुलिस के कांस्टेबल दिनेश कटारे को मुखबिर से पता चला कि ईदगाह मोहल्ला होशंगाबाद निवासी गुफरान शाह नामक बदमाश जुआ में काफी रुपए हार रहा है, उसके खर्च करने का तरीका भी बदला है। पुलिस ने सूचना को पुख्ता करके कोतवाली थाना प्रभारी विक्रम रजक और उनके स्टाफ तथा थाना इटारसी के स्टाफ की टीम बनाकर गुफरान व उसके साथियों अमर सिंह कीर और करण सिंह कीर पर सतत नजर बनाए रखी और उनको घेराबंदी करके पकड़ा। सख्ती से पूछताछ में तीनों ने अपराध करना कबूल कर लिया।

एक नज़र…
* तीनों आरोपी पिछले डेढ़ वर्ष से अच्छे मित्र हैं। अमर और करण रिश्तेदार हैं। करन ट्रैक्टर-ट्राली चलाता है। जब कभी रेत की ट्राली पंक्चर होती थी तो गुफरान के यहां ही सुधरवाता था। इस तरह से तीनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी और फिर अपनी-अपनी जरूरतों के कारण तीनों ने लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बनायी।

* आरोपियों को लूट में दस से पंद्रह लाख रुपए मिलने की उम्मीद थी। उस दिन बैंक कर्मी पांच लाख लेकर ही निकले। अमूमन बैंक कर्मी आठ से साढ़े आठ लाख रुपए लेकर तो निकलते ही थे, बैंक में केसीसी एजेंट रहे और इस घटना के मास्टर माइंड अमर सिंह कीर को इसकी जानकारी थी।

* वारदात को अंजाम देने के लिए सभी आरोपी पहले होशंगाबाद में भोपाल चौराह पर मिले और वहां से बाइक पर सवार होकर सुबह सवा दस बजे इटारसी आए। यहां वारदात को अंजाम देने के बाद ये बाइक से मेहरागांव होकर अमर के घर खोकसर पहुंचे और वहां लूट के रुपए आपस में बांट लिए थे।

* आरोपी उनका यह पहला ही अपराध बता रहे हैं, लेकिन जिस तरह से वारदात में आरोपियों ने व्यावसायिक तरीका अपनाया है, उससे लगता है कि इन्होंने और भी वारदात की होंगी, लेकिन पुलिस की पकड़ में पहली बार ही आए हैं। कुछ दिन पूर्व डोलरिया के पास हुई वारदात इससे काफी मिलती है।

* एसपी ने बताया कि वारदात के खुलासे में पुलिस को सफलता दिलाने वाले होशंगाबाद के मुखबिर को आरक्षक दिनेश कटारे के माध्यम से उनके द्वारा घोषित 10 हजार का पुरस्कार मिलेगा तथा आईजी द्वारा घोषित 25 हजार का पुरस्कार होशंगाबाद और इटारसी के पुलिस स्टाफ का प्रदान किया जाएगा।

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