खबर अपडेट : प्लेटफार्म 1 पर भीषण आग

मुख्य दफ्तर, खानपान रूम, प्रतीक्षालय पूरी तरह जले
इटारसी। रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म 1 पर लगी आग से रेलवे की करोड़ों रुपए की संपत्ति जलकर राख हो गयी। आग पर आधा दर्जन दमकलों की मदद से करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है। आग बुझाने में नगर पालिका की फायर बिग्रेड, पानी के टैंकर, आर्डनेंस फैक्ट्री, सीपीई, एनएएफएस, होशंगाबाद की दमकलों और रेल वाटरिंग के पाइप लाइन की मदद ली गई।
आग के खबर लगते ही मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा भी पहुंचे थे। होशंगाबाद से एडिशनल एसपी शशांक गर्ग, एसडीओपी अनिल शर्मा, एसडीएम आरएस बघेल, प्रभारी तहसीलदार रितु भार्गव, नायब तहसीलदार एनपी शर्मा, टीआई विक्रम रजक, आरपीएफ थाना प्रभारी एसपी सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी बीएस चौहान, स्टेशन अधीक्षक एसके जैन समेत रेलवे के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। आगजनी का जायजा लेने एडीआरएम, सीनियर डीसीएम और आरपीएफ कमांडेन्ट भी देर शाम इटारसी पहुंचे और स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली।

एक दर्जन ट्रेनें हुईं लेट
आगजनी से करीब एक दर्जन से अधिक ट्रेनें लेट हो गयीं। घटना के साथ ही रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को नहीं लिया गया और जो ट्रेन जहां थी, वहीं रोक दी। इटारसी के चारों तरफ के आउटर्स, पवारखेड़ा, जुझारपुर, होशंगाबाद, डोलरिया, बानापुरा, गुर्रा आदि स्टेशनों पर ट्रेनों को रोक दिया गया था। करीब एक घंटे बाद प्लेटफार्म क्रमांक दो से सात तक पर ट्रेनों का संचालन प्रारंभ किया गया। आगजनी में रेलवे का रिफ्रेशमेंट रूम(रसोई घर), उप स्टेशन प्रबंधक कार्यालय, बुक स्टॉल, तीनों प्रतीक्षालय, एक खानपान स्टाल जलकर राख हो गए। आग बुझाने में नगर पालिका कर्मचारी, रेल कर्मी, वेंडरों, टैक्सी चालकों, आटो चालकों ने जान जोखिम में डालकर काम किया।


दो घंटे की मशक्कत से काबू
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर आज शाम करीब 4 बजे लगी आग में करोड़ों रुपए की रेल संपत्ति जलकर राख हो गयी। आग बुझाने के प्रयास करीब दो घंटे चले, तब कहीं आग पर काबू पाया गया। आग की सूचना के बाद रेलवे परिसर में हजारों की भीड़ जमा हो गयी थी, जिससे दमकलों को आने में परेशानी हो रही थी। आरपीएफ, जीआरपी, सिटी पुलिस के अधिकारी, रेलवे के सैंकड़ों अधिकारी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू करने के लिए प्रयास में जुटे रहे तो रेलवे स्टेशन परिसर के आटो चालकों ने भी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में मदद की। शाम करीब छह बजे आग नियंत्रण में हुई।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा भी आग की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच गए थे। आग बुझाने में इटारसी नगर पालिका, आर्डनेंस फैक्ट्री, होशंगाबाद नगर पालिका, एनएएफएस, केन्द्रीय प्रूफ संस्थान की लगभग 20 दमकल और लगभग छह टैंकरों को लगाया गया था। तेज हवा के कारण आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। प्लेटफार्म पर टीन की चादरें और भीतर सीलिंग होने से भी आग बुझाने में दिक्कतें आ रही थीं। आगजनी में रेलवे को करोड़ों के नुकसान का अनुमान है, अभी रेलवे के अधिकारी किसी प्रकार का बयान देने से परहेज कर रहे हैं।

सिस्टम जलकर राख
आगजनी की इस घटना में प्लेटफार्म क्रमांक का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया और आपरेटिंग व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी। प्लेटफार्म एक पर स्थित खानपान रूम एक्सप्रेस फूड, डिप्टी एसएस कमर्शियल, डिप्टी एसएस आपरेटिंग के अलावा प्लेटफार्म पर स्थित तीनों प्रतीक्षालय जलकर राख गए। डिप्टी एसएस आपरेटिंग का आफिस जलने से ट्रेनों का आपरेशन प्रभावित होगा। घटना में इन दफ्तरों का सारा रिकार्ड जलकर राख हो गया। सभी आफिसों, प्रतीक्षालयों और खानपान रूप के पंखे, स्टील की बैंच आदि जलकर गल गए।

1902 का भवन ध्वस्त
आगजनी की इस घटना में इटारसी जंक्शन पर 1902 में बना भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इसमें सागौन की लकड़ी का सीलिंग होने और छत पर पूरी लकडिय़ों का काम होने से आग बुझाने में काफी परेशानी हो रही थी। घंटों आसमान पर धुएं का गुबार था। धुएं के कारण छत पर जाकर आग बुझाने में परेशानी हो रही थी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार अधिकारियों ने दीवारें तोड़कर आग बुझाने का निर्णय लिया और इटारसी नगर पालिका की दो जेसीबी की मदद से भवन की दीवारें तोड़ी गईं और नीचे से प्रेशर से पानी मारकर आग पर काबू पाया गया।


प्लेटफार्म पर मची भगदड़
शाम करीब 4 बजे प्लेटफार्म एक पर लगी आग के बाद सबसे पहले स्थानीय प्रबंधन ने प्लेटफार्म खाली कराया। उस वक्त जितने भी यात्री थे, सबको बाहर जाने का कहा गया। आग की जानकारी लगते ही, जितने भी यात्री उस प्लेटफार्म पर थे, उनमें भगदड़ मच गई। सभी तत्काल बाहर आ गए और कुछ दूसरे अन्य प्लेटफार्म पर चले गए। इसके बाद सबसे पहले विद्युत कनेक्शन बंद कराया गया फिर रेलवे के वाटरिंग सिस्टम से आग पर काबू पाने के प्रयास शुरु किए और नगर पालिका की दमकल को खबर की गई। प्लेटफार्म के वेंडर, कुलियों, रेलवे कर्मचारियों ने आग बुझाने में मदद शुरु की। आटो चालक रिखीराम पटेल ने जान की परवाह न करते हुए प्लेटफार्म की छत पर जाकर दमकल के पाइप से तपते टीन पर जाकर जलती आग बुझाने का प्रयास किया। इस प्रयास में पाइप के प्रेशर से वह कई बार फिसला, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। ऐसे ही कई वेंडर और आटो चालकों, मालगोदाम के कर्मचारियों, हम्मालों ने आग बुझाने में मदद की।

घटना की जांच के आदेश
पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल के पीआरओ आईओ सिद्दीकी ने बताया कि आग से रिफ्रेशमेंट रूम, उप स्टेशन प्रबंधक कार्यालय वाणिज्य, उप स्टेशन अधीक्षक कार्यालय परिचालन, एएच व्हीलर के बुक स्टाल तथा प्रतीक्षालय की छत को अपनी चपेट में ले लिया था। सीलिंग और टीन की छत के बीच आग होने से आग पर काबू पाने में परेशानी हुई थी। अंतत: दमकलों के कर्मचारियों ने टीन हटाकर आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। आगजनी की घटना के दौरान ट्रेनों का संचालन रोक दिया था, आग पर काबू पाने के बाद संचालन पुन: शुरु कर दिया तथा घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

CATEGORIES
TAGS
Share This
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: