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पुलिस ने किया तीन बड़े मामलों का खुलासा

पुलिस ने किया तीन बड़े मामलों का खुलासा

इटारसी। अनुभाग के दो थानों की पुलिस को पिछले दिनों हुए दो बड़े अपराधों के आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है तो वहीं दो वर्ष पुराने एक कत्ल के मामले का आरोपी भी चौथे प्रयास में पुलिस के हाथ लग गया है। आज एसडीओपी अनिल शर्मा, टीआई विक्रम रजक और पथरोटा थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने तीनों मामलों का मीडिया के समक्ष खुलासा किया।
चार दिन पूर्व माहेश्वरी भवन सूरजगंज में चल रहे शादी समारोह से दुल्हन का बैग उड़ाने वाले को सिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है तो पथरोटा पुलिस ने दो वर्ष से फरार हत्या का पांच हजार रुपए का ईनामी बदमाश को उसके गांव से गिरफ्तार किया है। इसी तरह से पथरोटा पुलिस ने ग्राम घाटना में दबिश देकर एक घर में रखी अवैध शराब की छह पेटियां जब्त की हैं। पुलिस ने आज तीनों मामलों का एकसाथ खुलासा किया है।


सावधान! सक्रिय है सांसी गिरोह
यदि आपके यहां विवाह समारोह है तो सावधान रहें। इन दिनों सांसी गिरोह सक्रिय है जो शादी समारोहों में पहुंचकर आपके माल पर हाथ साफ कर सकता है। 9 जुलाई को माहेश्वरी भवन में दुल्हन का बैग उड़ाने वाला सांसी गिरोह का ही सदस्य है। पुलिस ने मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है, इसके साथी भी हो सकते हैं, इसके लिए पुलिस इसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सांसी गिरोह का यह अरुण पिता चंद्रा सिसोदिया नामक 21 वर्षीय सदस्य बोडा थाना, जिला राजगढ़ केपास ग्राम कडिय़ा का रहने वाला है। पुलिस ने इसे मुखबिर की सूचना पर हरदा ट्रेन आउटर से गिरफ्तार करना बताया है। उसके पास से एक सोने का हार, एक सोने का मंगलसूत्र, एक जोड़ सोने के कंगन, 6 सोने के मोती, एक चांदी का करधोना, एक जोड़ चांदी की पायजेब, चार चांदी की बिछियां बरामद की है। पुलिस द्वारा बरामद आभूषण की कीमत करीब दो लाख रुपए बतायी जा रही है। आरोपी पर बीना, देवास, इंदौर, हरियाणा, भोपाल, उज्जैन सहित अनेक स्थानों पर भी अपराध पंजीबद्ध हैं।

ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
गिरोह के सदस्य वारदात करने से पहले किसी बड़े शहर में घूमकर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर लेते हैं, जहां शादी के कार्यक्रम हो रहे होते हैं, इन कार्यक्रमों में काफी भीड़ रहती है। आरोपी ने बताया कि इनके गिरोह में महिला और बच्चे भी शामिल रहते हैं। गिरोह के सदस्य उस समारोह में वेटर बनकर या किसी अन्य तरीके से शामिल होकर वर पक्ष या वधु पक्ष की उन महिलाओं को चिह्नित करते हैं जिनके पास जेवर एवं रुपए से भरा बैग होता है और जो शादी में शामिल लोगों से व्यवहार ग्रहण करते हैं। गिरोह के सदस्य शातिराना तरीके से उन लोगों पर सब्जी आदि गिराकर उनका ध्यान भटकाते हैं और रुपए से भरा बैग चोरी कर लेते हैं। यह अंतर्राज्यीय गिरोह होता है जो देशभर में इस तरह की वारदात को अंजाम देता है। पुलिस को इनके वारदात के तरीके का पता था, माहेश्वरी भवन की घटना भी इसी तरह से हुई थी, इसीलिए पुलिस को इस घटना में सफलता मिलने में देरी नहीं हुई।


अवैध शराब सहित आरोपी गिरफ्त
पथरोटा पुलिस ने ग्राम घाटली स्थित एक मकान से छह पेटी अवैध देसी शराब सहित आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पथरोटा थाना प्रभारी गिरीश दुबे के अनुसार 12 जुलाई को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम घाटली में राजू उर्फ विपिन चौधरी ने अपने आंगन में दीवार की आड़ में अधिक मात्रा में अवैध शराब एकत्र करके रखी है थाना प्रभारी गिरीश दुबे, एएसआई भोजराज बरबड़े, आरक्षक अशोक चौहान ने राजू उर्फ विपिन चौधरी पिता ललित किशोर चौधरी के घर के बाहर आंगन में दबिश दी। राजू चौधरी अवैध शराब के 6 कार्टूनों की थप्पी बनाकर उस पर बोरा डालकर बैठा हुआ था उसे उठाकर देखा तो उन कार्टूनों में प्लेन देशी शराब के 300 पाव कुल 54 लीटर कीमती 15 हजार रुपये की अवैध शराब मिली। आरोपी के विरुद्ध थाना पथरौटा में अवैध शराब विक्रय, मारपीट के पूर्व से अपराध पंजीबद्ध हैं। उसे आज न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेजने के आदेश जारी हुए।

हत्या का आरोपी 2 साल बाद पकड़ाया
पथरोटा पुलिस को दो वर्ष पूर्व हत्या करके फरार एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। एसडीओपी अनिल शर्मा ने बताया कि ग्राम नयापुरा में 2 वर्ष पूर्व लाल बहादुर उर्फ लल्लू तिवारी की हत्या हुई थी। आरोपी भालू उर्फ मनीराम पिता छन्नूलाल कोरकू 40 वर्ष, निवासी धाईं फरार था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार गांव और जंगल में दबिश दे रही थी, लेकिन यह जंगल के रास्ते का जानकार होने से फरार हो जाता था। इस पर एसपी ने पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था। पुलिस तीन बार असफल हुई, चौथे प्रयास में इसे छीपापुर धाईं को खेत के टप्पर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी ने ये दो वर्ष जंगल में ही गुजारे। कई बार परिजनों से मिलने गांव भी गया, लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती यह जंगल में भाग जाता था। आरक्षक अशोक चौहान ने गांव में बार-बार जाकर इसकी दिनचर्या पता की। फिर इसे योजनाबद्ध तरीके से गिरफ्तार किया गया।

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