इटारसी। सिटी पुलिस ने नकबजन गिरोह के चार सदस्यीय को किया गिरफ्तार है कर उनसे पांच वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में संजय उर्फ संजू तिवारी पुरानी इटारसी, मोहित कुलकर्णी 12 बंगला, राहुल उर्फ संतोष और करन केवट को गिरफ्तार कर चोरी के मामलों का खुलासा किया है।
टीआई विक्रम रजक ने बताया कि एसपी अरविंद सक्सेना के मार्गदर्शन एवं एएसपी राकेश खाखा और एसडीओपी उमेश द्विवेदी के निर्देशन में पुलिस ने चार सदस्यीय नकबजन गिरोह को गिफ्तार कर पांच वारदात कबूल करायी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पुरानी इटारसी क्षेत्र में एक के बाद एक पांच स्थानों पर सूने आवासों का ताला तोड़कर नकबजनों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। एसपी श्री सक्सेना ने लगातार हो रही चोरियों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी विक्रम रजक के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था। इटारसी पुलिस ने तत्परता से जांच करते हुए पुरानी इटारसी क्षेत्र में अपने सूचना तंत्र को विकसित किया और संदेह के आधार पर संजय तिवारी, निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी पुरानी इटारसी, रोहित कुलकर्णी निवासी बारह बंगला, संतोष कुलकर्णी निवासी ग्राम पांजराकलॉ एवं करण केवट निवासी मेहरागांव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
इन जगह की चोरी स्वीकारी
आरोपियों ने शिवराजपुरी कालोनी पुरानी इटारसी, कृष्णा विहार कालोनी पुरानी इटारसी, तवा कालोनी पुरानी इटारसी, कृष्णा विहार कालोनी की दूसरी चोरी, पिंक सिटी कालोनी पुरानी इटारसी, हाउसिंग बोर्ड कालोनी पुरानी इटारसी में चोरी की वारदात करना कबूल किया है। पुलिस ने आरोपियों से चोरी किए गए सोना, चांदी के जेवर एवं नगदी सहित 2 लाख 50 हजार रुपए का माल बरामद करने में सफलता प्राप्त की है।
ऐसे करते थे वारदात
चोरों आरोपी शातिर और अपराधी प्रवृत्ति के हैं तथा पहले भी कई आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं। आरोपियों द्वारा घटना करने के पूर्व दिन में घूम-घूमकर ऐसे सूने मकानों की जानकारी जुटा लेते थे जिनमें ताले लगे होते थे। रात में उक्त सूने मकानों के ताले तोड़कर नकबजनी की वारदात को अंजाम दे देते थे। घटना के बाद से पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से अंतत: इन तक पहुंच गई।
इनकी रही मुख्य भूमिका
उक्त चोरियों का खुलासा करने में थाना प्रभारी विक्रम रजक के साथ उपनिरीक्षक केएस रघुवंशी, उपनिरीक्षक अनूप बघेल, उपनिरीक्षक रिपुदमन सिंह, आरक्षक हेमंत तिवारी, शुभम राय, दिनेश उईके, भूपेश मिश्रा, भागवेन्द्र, राजेश, प्रदीप सोलंकी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










