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डेटा संरक्षण संयुक्त संसदीय समिति में सांसद राव

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इटारसी। भारत सरकार द्वारा संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में कल 11 दिसंबर को ‘व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक को पेश किया। यह विधेयक लोगों की निजी जानकारियां उनकी मर्जी के बिना उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाएगा। प्रस्तावित विधेयक में लोगों की निजता का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। बिल को लेकर संसद में असहमति व गतिरोध के चलते सरकार ने 20 सदस्यीय जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) का गठन कर इसे समिति को सौंपा है। इस विशेष व अति महत्वपूर्ण समिति में होशंगाबाद-नरसिंहपुर सांसद उदय प्रताप सिंह को शामिल किया है।
ऐसे बिल जिनमें लोकसभा में असहमति होती है, सरकार उसमें जेपीसी का गठन करती है। विभिन्न दलों के सांसदों की यह संयुक्त समिति नागरिकों के व्यक्तिक डाटा से संबंधित उनकी निजता के संरक्षण, व्यक्तिक डाटा के प्रवाह और उपयोग को विनिर्दिष्ट करने, व्यक्तियों और व्यक्तिक डाटा के प्रक्रमण में लगी इकाइयों के बीच विश्वास के संबंध का सृजन करने, ऐसे व्यष्टिकों के अधिकारों जिनमें वैयक्तिक डेटा का प्रक्रमण किया है, का संरक्षण करने, डाटा का प्रक्रमण करने में संगठनात्मक और तकनीकी उपायों के लिए ढांचा सृजित करने, सोशल मीडिया मध्यवर्ती, अंतर सीमा अंतरण के लिए सन्नियम अधिकथित करने, व्यक्तिक डाटा का प्रक्रमण करने वाली इकाइयों की जवाबदेही, अप्राधिकृत और हानिकारक प्रकमण के लिए उपाय करने तथा उक्त प्रयोजनों के लिए भारतीय डाटा संरक्षण प्राधिकरण स्थापित करने और उससे संबंधित तथा उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने वाले विधेयक को सभाओं के माध्यम से 31 मार्च 2020 तक प्रस्तुत करेगी।
व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक 2018 का मसौदा न्यायमूर्ति बीएन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इस उच्च स्तरीय समिति का गठन सरकार ने डेटा संरक्षण से जुड़े मसलों पर सुझाव देने के लिए किया था। विधेयक में व्यक्तियों से जुड़ी निजी जानकारियों को देश से बाहर भेजने पर प्रतिबंध और कई शर्तें लगाने के साथ भारतीय डेटा संरक्षण प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान है। यह प्राधिकरण निजी जानकारियों के किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकेगा।
विधेयक में डेटा संग्रह करने वाली किसी इकाई के नियमों का उल्लंघन करने पर उसके वैश्विक कारोबार (टर्नओवर) का चार प्रतिशत या 15 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक हर आम व्यक्ति की जानकारी का अन्यत्र उपयोग किए जाने पर सख्ती से नियंत्रण रखेगा। यह कंपनियों द्वारा डेटा के दुरुपयोग पर लगाम लगाएगा जिससे कई बार किसी व्यक्ति की निजता में सेंध लगा दी जाती है।

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