इटारसी। कबड्डी ग्रामीण परिवेश का खेल है, जो अब धीरे-धीरे शहरों में भी लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन इसमें सफल वही खिलाड़ी होते हैं, जो गांवों में रहकर इसका नियमित अभ्यास करते हैं, इसलिए कबड्डी कहीं भी हो, विजेता गांव की टीम ही बनती हैं।
यह बात धार्मिक सामाजिक कार्यकर्ता पं. राजीव दीवान ने तवा तट ग्राम सोनतलाई में आयोजित राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कही। प्रतियोगिता में 30 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें फाइनल मुकाबला ग्राम ढाबा कला एवं ग्राम बिछुआ के बीच हुआ। इसमें ढाबा कला की टीम विजयी रही। विजेता टीम को प्रथम पुरस्कार 15 हजार रुपए एवं ट्रॉफी मुख्य अतिथि श्री दीवान ने प्रदान की। द्वितीय पुरस्कार उपविजेता टीम बिछुआ को 10 हजार रुपए-ट्रॉफी, तृतीय पुरस्कार 5 हजार रुपए पीपलढाना एवं चौथा सांत्वना पुरस्कार भोवदा रैयत की टीम को प्रदान किया गया। फाइनल मुकाबले की मुख्य अंपायरिंग मुन्ना गुरूजी ने की। प्रतियोगिता को सफल बनाने में ग्राम सोनतलाई की सभी धार्मिक सामाजिक समितियों का योगदान रहा।
ग्रामीण परिवेश का प्रमुख खेल है कबड्डी : दीवान
For Feedback - info[@]narmadanchal.com








