धरती पर आकाशगंगा, आसमान में आतिशबाजी

धरती पर आकाशगंगा, आसमान में आतिशबाजी

इटारसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देश ने छह माह पूर्व ही दीवाली मना ली। अवसर था, कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहे डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस कर्मी, सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों सहित उन सभी के प्रति श्रद्धा जताना जो इस जंग को जीतने के लिए अपनी मेहनत, समय देने के साथ परिवार से जुदा रहने की पीड़ा उठाने के साथ ही मानवता के लिए अपनी जान की परवाह नहीं कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों का आह्वान किया था कि 5 अप्रैल को रात 9 बजे अपने घरों की लाइट बंद करके दीपक, मोमबत्ती जलायें या फिर मोबाइल का फ्लेश लाइट ऑन करें। सोशल मीडिया पर भले ही लोगों ने इसका मजाक बनाया हो, लेकिन देश में और शहर में भी लोगों ने अतिरिक्त उत्साह के साथ प्रधानमंत्री की बात का मान रखा और हर सीमाओं से परे जाकर अपने घरों के सामने दीपयज्ञ का आयोजन कर डाला। नीचे असंख्य दीपमालाओं से ऐसा लगा मानो धरती पर आकाशगंगा उतर आयी हो। इस दौरान कई लोगों ने हर्ष अतिरेक का प्रदर्शन करके आतिशबाजी की और आसमान पर रंग-बिरंगी फलझडिय़ां बिखेर दी।

इस तरह से जतायी श्रद्धा
टारसी-होशंगाबाद विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा और उनकी पत्नी श्रीमती कल्पना शर्मा ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर अपने घर की लाइट्स ऑफ करके मोबाइल की रोशनी की। उन्होंने कोरोना के खात्मे के लिए प्रयास कर रहे जांबाजों का हौसला बढ़ाने के लिए कहा…
कोरोना को हराएगा, दुनिया को दिखाएगा, भारत जीत जाएगा।


वैष्णवी अग्रवाल नवमीं लाइन, ने दीपक जलाते हुए कहा कि देश से प्रेम करने वाले लोगों से यह देश बना है। उनका संदेश है, इंसान का इंसान से हो भाईचारा, यही संदेश हमारा, और इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो न। इसी विश्वास के साथ कोरोना के खिलाफ यह देश निर्णायक दौर की लड़ाई लड़ रहा है और जीतेगा भी।


डॉ. नीता दुबे, डॉ. अजय दुबे, प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं, क्योंकि उनके आह्वान पर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे डॉक्टर्स और पूरे चिकित्सा जगत के प्रति देश ने सम्मान व्यक्त किया है। डॉ. दंपत्ति ने भी अपने घर की बालकनी में दीपक जलाये और इस पल को साथ खड़े होकर महसूस किया और देशवासियों को धन्यवाद दिया।


बैंक कालोनी के सुशांत शर्मा, के घर भी दीप जलाये गये। उन वीर योद्धाओं के सम्मान में, जो कोरोना जैसे अदृश्य दुश्मन के खिलाफ जंग लड़ रहे है। उनके साथ मोहल्ले के और भी कई लोगों ने दीपक जलाये। उन्होंने कहा, वाकई एसा लगा कि राष्ट्रीय एकता इस दीपक में समाहित है। आपातकालीन सेवा देने वाले सभी जांबाजों को इनका सैल्यूट।


मालवीयगंज से पंकज चौरे ने पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस पहल का आगे बढ़कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आप और हम सब मिलकर हिंदुस्तान में कोरोना को हराएंगे। जैसे पहले भी कई महामारी को हिन्दुस्तान में आकर हारना पड़ा है, कोरोना भी हमारे आत्मबल के आगे घुटने टेकने को मजबूर हो जाएगा।


अधिवक्ता दीपक जैन, कावेरी एस्टेट में अपने घर में निश्चित समय पर परिवार के साथ दरवाजे पर आ गये थे। बोले, कोरोना के विरुद्ध एक सकारात्मक कदम। इस मुश्किल घड़ी में हम साथ-साथ हैं। सारा देश एकजुट है, दीपक जलाना उन लोगों के प्रति श्रद्धा जताना है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस जंग में शामिल हैं, सबको सैल्यूट।


सराफा बाजार निवासी अर्जुन भोला का मानना है कि देशहित के आगे कुछ भी नहीं। न धर्म, न जाति, न वर्ग। जब बात समाज के किसी दुश्मन से जंग की हो तो, जो लोग लड़ रहे हैं, जो विशेषज्ञ हैं, उनके प्रति श्रद्धा तो बनती है। दीप जलाना तो हमारी परंपरा रही है। दीपक तो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है।


सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ता प्रमोद पगारे के निवास एवं वार्ड क्रमांक 22 में दीप प्रज्वलन और आतिशबाजी की गई। वे कुछ दिनों से प्रधानमंत्री के आह्वान पर दीपक जलाने के प्रति लोगों का आह्वान कर लोगों को प्रेरित कर रहे थे कि देशहित, समाजहित में दीप जलाकर उनके प्रति श्रद्धा जतायें, उनका हौसला बढ़ायें जो कोरोना से जंग लड़ रहे हैं।


हर्णे गली होशंगाबाद निवासी समीर हर्णे इलेक्ट्रॉनिक व्यावसायी हैं। युवा हैं, लेकिन देश के प्रति जज्बा कैसा होना चाहिए, बखूबी जानते हैं। उनका पूरा परिवार, प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद 5 अप्रैल को रात 9 बजे का इंतजार कर रहा था। समीर का कहना है, कि हम भले ही कोरोना से सीधी लड़ाई नहीं लड़ रहें हैं, लेकिन जो लोग इस वायरस से लड़कर लोगों की जिंदगी बचा रहे हैं, उन योद्धाओं के सम्मान में एक दीप जलाना तो बनता है।


तिरुपति कालोनी निवासी विकास पटवा ने आज पूरे परिवार के साथ घर दीपक जलाये। इस मौके को उन्होंने एक कविता के रूप में व्यक्त किया भारतीय होने पर हमें गर्व है, दिल में भारत का मान है , मिलकर ताली बजाई, दिये जलाये, यही एकता तो हमारी शान है।

सूरजगंज के अजय मंजारिया और उनकी पत्नी ने खुशी-खुशी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस आह्वान पर सम्मान पूर्वक उन योद्धाओं के लिए दीपक जलाये जो कोरोना के खिलाफ त्याग के बल पर लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी इस जीवटता को प्रणाम करते हुए मंजारिया परिवार ने उनको सैल्यूट किया है और आशा जतायी कि जीत हमारी ही होगी।


मेहरागांव के विजय चौरे को विश्वास है कि हिन्दुस्तान अन्य देशों के मुकाबले, कोरोना से ज्यादा बेहतर तरीके से और जल्दी इस जंग को जीत लेगा। उनका मानना है कि अभी देर नहीं हुई है और जिस तरह से देश कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है, जिस तरह से सारे विभाग तालमेल से काम कर रहे हैं, कोरोना को हथियार डालने ही होंगे।


महेश मिहानी, बालाजी मंदिर के पास  मैंने भी अपने घर के सामने दीपक जलाये हैं। कोरोना एक ऐसी वायरस है, जो जानलेवा तो है, इसने संसार में सबको परेशान कर दिया। कारोबार चौपट हो गये, लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया। जो समाज की सेवा करना जानते हैं, वे गरीबों के लिए आज भी खड़े हैं, दीपक जलाना अच्छा लगा।


मैं आर्ची गंगराड़े, गंगराड़े टाइपिंग नेहरू गंज इटारसी, कक्षा दसवीं की छात्रा हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के निवेदन पर सभी के उत्साहवर्धन के लिए मैंने कार की लाइट जलाकर सभी का उत्साहवर्धन करने का प्रयास किया है। देशवासियों का उत्साह अभूतपूर्व और अतुलनीय है। हम कोरोना से यह लड़ाई अवश्य ही जीतेंगे।

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