एक को मिली जमानत, दूसरे की खारिज

एक को मिली जमानत, दूसरे की खारिज

इटारसी। द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में प्रथम बार जमानत की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई जिसमें द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रीति सिंह ने आरोपी के अधिवक्ता एवं शासन के अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला को केस डायरी के साथ सुना। प्रकरण में आरोपी जानसन उर्फ जय मसीह को धारा 327, 294, 506, 34 आईपीसी के तहत जमानत दिए जाने का निवेदन किया था।
आरोपी पर थाना इटारसी में फरियादी आशीष पिता अनिल भाट उम्र 20 साल निवासी, नदी मोहल्ला पावर हाउस के पास ने 20 अप्रैल 2020 को थाना इटारसी में एक रिपोर्ट लिखित में दर्ज कराई थी कि आरोपी मयंक भाट, शिवा भाट, साजन भाट एवं जॉय मसीह ने उससे 500 रुपए की अड़ीबाजी करते हुए गालियां देकर तलवार एवं लकड़ी से मिलकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट से प्रार्थी आशीष एवं उसके भाई रोहित को सिर में तथा हाथ पैरों में चोट आई थी। आरोपी को तलाश करते हुए पुलिस थाना इटारसी ने 22 अप्रैल 20 को गिरफ्तार कर उसके द्वारा प्रयुक्त घटना में मारी गई लाठी जब्त की थी।
इसी तरह एक अन्य आरोपी जितेंद्र राजवंशी के विरुद्ध थाना इटारसी में 7/7/2019 को विधायक डॉ सीतासरण शर्मा के द्वारा हस्ताक्षर आवेदन पर थाना प्रभारी ने अपराध क्रमांक 575/19 धारा 469, 505 दो भारतीय दंड विधान का अपराध पंजीबद्ध किया था जिसकी रिपोर्टकर्ता फरियादी जगदीश मालवीय पिता कुंजीलाल मालवीय थे। रिपोर्ट में यह कहा था कि आरोपी जितेंद्र राजवंशी उम्र 45 साल, निवासी गरीबी लाइन इटारसी के द्वारा विधायक के खिलाफ फेसबुक, व्हाट्सएप पर उनकी छवि को धूमिल करने के लिए जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर झूठी और मनगढंत अफवाह फैला रहा है और अनेक रूपों पर व्हाट्सएप पर डालकर शेयर कर रहा है, तथा एक अन्य खबर लॉक डाउन के दौरान कोरोना के संक्रमण काल में जितेंद्र ने वर्ग विशेष को लेकर एक झूठी व्हाट्सएप पर डाली थी जिसके आधार पर आरोपी को पुलिस ने दिनांक 20 अप्रैल को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल में उपयोग की गई सिम को भी जब्त किया था। आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जहां से उसे जेल भेज दिया था। उसकी जमानत की अर्जी द्वितीय अपर सत्र न्यायालय इटारसी में प्रस्तुत की गई थी जहां आरोपी के अधिवक्ता ने उसे जमानत देने का निवेदन किया परंतु शासन की ओर से पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक भूरेसिंह भदौरिया एवं अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला ने उक्त आरोपी को जमानत न देने का पुरजोर विरोध किया।
न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत डायरी तथा आरोपी के विरुद्ध थाना इटारसी में पंजीबद्ध अपराधियों की सूची को मध्य नजर रखते हुए वर्तमान परिस्थितियों में जमानत दिए जाना उचित नहीं पाते हुए उसका आवेदन पत्र निरस्त कर दिया है। वहीं आरोपी जॉनसन मसीह का जमानत आवेदन पत्र स्वीकार करते हुए उसे जमानत दिए जाने का आदेश भी पारित किया है।

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