खबर अपडेट : एक लाख से अधिक की जब्ती, 37 लाख से अधिक की शराब सील

खबर अपडेट : एक लाख से अधिक की जब्ती, 37 लाख से अधिक की शराब सील

इटारसी। नेशनल हाईवे किनारे, कोरोना की पॉजिटिव मिलने के कारण कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित इलाके में आधी रात को शराब की तस्करी हो रही थी। आबकारी विभाग द्वारा लॉक डाउन अवधि के लिए सील की गई दुकान से सील तोड़कर शराब की पेटियां निकालते पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया और इस मामले में करीब आधा दर्जन लोगों पर कार्रवाई की है। इस मामले में एक पुलिस आरक्षक के शामिल होने पर एसपी ने उसे सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने दुकान से बाहर निकाली गयी 12 पेटी अवैध शराब जब्त की है, जबकि दुकान के भीतर रखी लाखों की शराब को आबकारी विभाग के सुपुर्द कर दिया है। आबकारी विभाग ने दुकान में नये ताले लगाकर पुन: सील कर दिया है।
सिटी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध तरीके से बिजली दफ्तर के सामने स्थित एक शराब की दुकान से भारी मात्रा में शराब पकड़ी और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि यह दुकान रमेश बामने की है, जो गौरव शिवहरे नामक ठेकेदार को किराये पर दी थी। इस दुकान से जिले में लॉक डाउन की अवधि में शराब सप्लाई की खबर मिलने पर पुलिस ने यह कार्रवाई रात करीब दो बजे की है। इस मामले में एक पुलिसकर्मी सहित आधा दर्जन के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है। एसपी संतोष गौर ने पुलिस कर्मी की इसमें संलिप्तता को देखते हुए उसे सस्पेंड कर दिया है।


पुलिस ने की है यह कार्रवाई
पुलिस ने बिजली विभाग के दफ्तर के पास स्थित शराब दुकान से केवल वही 12 पेटी शराब जब्त की है, जो दुकान से बाहर निकालकर ले जाने वाले थे। दुकान के भीतर रखी 550 पेटियों को पुलिस ने आबकारी उपनिरीक्षक के सुपुर्द करके अपने सामने दुकान में नये ताले लगाकर सील कराया। पुलिस ने 81 हजार की शराब और एक स्कूटी मिलाकर एक लाख 11 हजार रुपए की जब्ती दर्ज की है, जबकि अनुमानित 37 लाख 12 हजार 500 रुपए की शराब दुकान के भीतर थी जो निकाली नहीं गयी थी, अत: उसे अपनी जब्ती की कार्रवाई में शामिल नहीं कर आबकारी के सुपुर्द कर दिया है।

इन लोगों पर की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 457,380,406 एवं आबकारी एक्ट की धारा 34/2,42,44,के तहत पवन पिता सुरेश भाट 42 वर्ष, निवासी बालाजी मंदिर के पास भाट मोहल्ला इटारसी, मनोज पिता पन्नालाल दुबे 41 वर्ष, निवासी पत्ता गोदाम के पास मालवीयगंज इटारसी, गौरव सिंह पिता मुनीश सिंह 27 वर्ष, निवासी ग्राम मानेगांव थाना किसनी, जिला मैनपुर उत्तरप्रदेश, हाल निवास मालवीयगंज इटारसी, सतीश पिता सुखलाल शिवहरे, निवासी चिनोर थाना डबरा, ग्वालियर लाइसेंसी गौरव शिवहरे, निवासी होशंगाबाद रोड भोपाल सहित इटारसी पुलिस के कांस्टेबल गिरराज त्यागी को आरोपी बनाया है।

आरक्षक को सस्पेंड किया
पुलिस के आरक्षक गिरराज की इस मामले में संलिप्तता की जानकारी मिलने के बाद एसपी संतोष गौर ने आरक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। आरक्षक गिरराज स्वयं दुकान के सामने बाहर खड़े होकर पहरेदारी कर रहा था और इसी दौरान पुलिस पहुंची तो वहां पवन, मनोज, गौरव, सतीष और गिरराज खड़े थे। पुलिस को आते देख गिरराज वहां से तत्काल भागा। हालांकि पुलिस का कहना है कि फोर्स की मदद से गिरराज का पीछा किया गया लेकिन, वह हाथ नहीं आया वहां से फरार हो गया है। बताया जाता है कि लॉक डाउन के समय इस अंग्रेजी शराब को पूरे जिले में सप्लाई होती रही है। थाना प्रभारी डीएस चौहान, सब इंस्पेक्टर पंकज वाडेकर,उपनिरीक्षक हरिकृष्ण शुक्ल, कांस्टेबल हेमन्त तिवारी, राजेश पवार, कमलेश शर्मा सहित पुलिस स्टाफ का कार्रवाई में योगदान रहा है।

12 पेटी जब्त, 550 आबकारी के सुपुर्द
पुलिस ने अपनी कार्रवाई में केवल उन बारह पेटियों को ही जब्त किया है, जो दुकान के बाहर निकाली जा चुकी थी। शेष 550 पेटियों को आबकारी विभाग को सुपुर्द किया। आबकारी विभाग ने उन पेटियों को दुकान के भीतर ही रखकर नये ताले लगाकर दुकान को दोबार सील कर दिया है। इस दौरान आबकारी उपनिरीक्षक जेपी दुबे के सुपुर्द करके दुकान को सील कराया गया। एसआई श्री दुबे का कहना है कि लायसेंसी को नोटिस दिया जाएगा और आबकारी अधिनियम के अनुसार कार्रवाई करके संपूर्ण रिपोर्ट जिला अधिकारी को भेजी जाएगी। हालांकि इस मामले में आबकारी विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जब दुकान सील थी तो ठेकेदार के कर्मचारी बेखौफ यह सब कैसे कर रहे थे। यहां एक सवाल और है कि आबकारी उपनिरीक्षक जेपी दुबे का कहना है कि वे 4:20 बजे वहां से निकले थे और पुलिस ने इसके बाद जाकर सुबह साढ़े छह बजे कार्रवाई की है।

आगे क्या हो सकता है
सूत्र बताते हैं कि आबकारी ठेकेदार गौरव शिवहरे का ठेका खत्म हो चुका है और नया ठेका राहुल जैसवाल के नाम से है। लेकिन, चूंकि नया फायनेंसियल ईयर प्रारंभ होने के पूर्व लॉक डाउन हो गया जिससे नये ठेकेदार ने काम प्रारंभ नहीं किया और पुराने ठेकेदार का ही माल दुकान में रखा था जो लॉक डाउन अवधि का फायदा उठाकर अपने माल की खपत कर रहा था। अब चूंकि उस पर एफआईआर हो चुकी है, तो उसकी सूचना उन सभी जगह भेजी जाएगी जहां भी इस ठेकेदार का ठेका होगा। इस ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेट करने की कार्रवाई भी विभाग की ओर से की जा सकती है। वह तो नया ठेका हो गया, यदि इसी को पुन: ठेका मिलता तो यह ठेका निरस्त हो जाता और पुन: ठेका की कार्रवाई होती।

इनका कहना है…!
हम सुबह गश्त के दौरान 4:20 पर वहां से निकले थे, तब ऐसा कुछ नहीं था। पता चला है कि सुबह 5:45 बजे इन लोगों ने ताला खोला है। फिलहाल दुकान को यथास्थिति में ही सील कर दिया है। लायसेंसी को नोटिस दिया जाएगा और जिला अधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
जेपी दुबे, एसआई आबकारी

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