गुरुद्वारा से हो रहा प्रेरणादायी सेवा कार्य

गुरुद्वारा से हो रहा प्रेरणादायी सेवा कार्य

इटारसी। कोरोना के संक्रमण काल में जिस तरह से सेवा कार्य चल रहे हैं, उनको देखकर लगने लगा है कि इनसानों में रब उतर आया है। ऐसे कई स्थान इन दिनों दिखाई दे रहे हैं जहां इंसानों में रब दिख रहा है। सेवा भी ऐसी हो रही है कि देख-सुनकर इन सेवादारों के सम्मान में आपका सिर अवश्य ही झुक जाएगा। इनमें प्रमुख नाम गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा, सचखंड लंगर सेवा समिति, श्री हरभगत द्वार, पशुपतिनाथ धाम समिति, श्री नवगृह दुर्गा मंदिर समिति, श्री हनुमानधाम मंदिर समिति के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं के साथ ही निजी स्तर पर भी लोग मदद कर रहे हैं।
गुरुवार को बैशाख पूर्णिमा के अवसर पर श्री गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा के माध्यम से शहर के सेठी परिवार ने जो काम किया उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम ही है। यहां चिलचिलाती धूप में लंगर का प्रसाद लेने हर रोज आकर धूप में खड़े होने वालों के पैर में चप्पलें पहनाकर पुण्य का काम किया है। हालांकि यहां धूप से बचाने नेट लगी हैं, बावजूद इसके सीमेंट की रोड काफी गर्म हो जाती हैं और फिर यहां से घर तक और घर से यहां तक नंगे पैर आने वालों के पैरों को चप्पलें मिल गयीं, यह बड़ी सेवा है। श्री गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा ने इससे पहले दूध का वितरण करके देश में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। पटना साहिब से इस कार्य की प्रशंसा हुई है। आज यहां से चपाती, सब्जी, दाल, खीर का वितरण किया गया। हर रोज यहां लगभग डेढ़ हजार लोगों को भोजन मिलता है।


पदयात्रियों को रात 1 बजे कराया भोजन
सेवा का जुनून इतना कि रात में सबकुछ बंद होने के बाद यदि पता चला कि कुछ लोग भूखे हैं, उनको भोजन की आवश्यकता है तो दोबारा रात में ही भोजन तैयार करके उनकी भूख शांत करने में भी सेवादार पीछे नहीं हट रहे हैं। सचखंड लंगर सेवा समिति ने पिछली रात ऐसा ही करके प्रेरणादायी काम किया है। समिति को नेशनल हाईवे किनारे खेड़ा पर स्थित हनुमान मंदिर के पास से एक पुलिस कॉन्स्टेबल का फोन रात 11 बजे आया। लंगर समाप्त हो चुका था, लेकिन मजदूर तीन-चार दिनों से भूखे थे। तुरंत रात में ही सचखंड लंगर सेवा समिति के सदस्यों ने लंगर बनाया और सभी मजदूरों को भोजन कराया। ये मजदूर हैदराबाद से सोनभद्र यूपी पैदल रहे थे। सूचना मिली तो लगभग साठ यात्रियों को रात 1 बजे समिति ने भोजन कराया।


श्री हरिभगत द्वारा की सेवा भी जारी
भगवान श्री विष्णु के अवतार शेरसिंह महाराज के अनुयायी भी जरूरतमंदों को भोजन की सेवा प्रदान कर रहे हैं। श्री हरिभगत द्वार से प्रतिदिन भोजन के पैकेट वितरित किये जा रहे हैं। श्री शेरसिंह महाराज के अनुयायी हर रोज यहां पहुंचकर भोजन तैयार करके सेवा कर रहे और पैकेट तैयार करने में मदद कर रहे हैं। इसके बाद सुबह लगभग दस बजे से यहां भोजन के पैकेट्स का वितरण किया जा रहा हे। यहां सुबह एक दिन पोहा और एक दिन पुलाव का वितरण होता है तो सौ पैकेट्स पुलिस को, सौ पैकेट्स नगर पालिका के माध्यम से वितरित होते हैं। इसी तरह से अस्सी पैकेट खेड़ा पर बने नाका पर रखे जाते हैं ताकि पदयात्रियों को यह भोजन मिल सके।

श्री हनुमानधाम मंदिर समिति की सेवा
लॉक डाउन अवधि में जब सारे लोग अपने घरों में कैद हैं, बाजार में खानपान की दुकानें बंद हैं, ऐसे में खानाबदोश और खुली छत के नीचे रहने वाले बाबा और ऐसे ही अन्य लोगों को भोजन की व्यवस्था श्री हनुमानधाम मंदिर समिति कर रही है। यहां हर रोज लगभग दो लोगों को भोजन कराया जाता है। कभी खीर बनने की जानकारी मिलती है तो आसपास के कई अन्य लोग भी प्रसाद के नाम से आकर ले जाते हैं। हालांकि मंदिर समिति का लक्ष्य है कि जिनके लिए कहीं से व्यवस्था नहीं हो रही है, उनको भोजन वितरित किया जाए। जल्द ही मंदिर समिति जलसेवा की शुरुआत भी करने वाली है।

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