8 घंटे फंसे रहे वाहन, रात 3 बजे घर पहुंचा पुलिस बल

8 घंटे फंसे रहे वाहन, रात 3 बजे घर पहुंचा पुलिस बल

इटारसी। बागदेव पुलिया के पास दो वाहनों की टक्कर के बाद दोपहर ढाई बजे से मार्ग खोलने के किये गये प्रयासों को रात लगभग 10:30 बजे सफलता मिली और पूरी तरह से मार्ग खुलने में रात को 2 बजे गये इस लंबे जाम के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाने केसला, इटारसी, पथरोटा, भौंरा, शाहपुर की पुलिस टीम लगी रही। पुलिस बल रात 3 बजे अपने घर पहुंच सका। इस दौरान क्रेन और जेसीबी की मदद ली गई।
करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद एसडीओपी इटारसी (SDOP ITARSI) महेन्द्र मालवीय के नेतृत्व में पुलिस बल ने सफलता प्राप्त की। मौके पर दोपहर बाद से ही एसडीओपी महेन्द्र मालवीय पहुंच गये थे। इस दौरान थाना प्रभारी केसला डीएसपी दीपा मांडवे, एसआई अशोक बरवड़े, इटारसी ट्रैफिक इंचार्ज व्हीएस घुरैया, नागेश वर्मा, पथरोटा थानेदार प्रज्ञा शर्मा सहित पूरी टीम ने खासी मेहनत की।


पवारखेड़ा, भौंरा तक वाहनों की कतार
नेशनल हाईवे पर बागदेव के पास हुए हादसे के बाद बैतूल और भोपाल मार्ग पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गयी थी। बैैतूल रोड पर भौंरा और होशंगाबाद रोड पर पवारखेड़ा तक बड़े वाहनों को रोका था ताकि घटनास्थल तक बड़े वाहन न पहुंच सकें। इटारसी ट्रैफिक इंचार्ज नागेश वर्मा ने बताया कि इटारसी में सीपीई, धौंखेड़ा तिराह, द पार्क और यादव ढाबा के पास बल लगा था और बड़े वाहनों को रोका था। जिनको बहुत जल्दी थी, उन्हें टिमरनी होकर बैतूल मार्ग परिवर्तित करके भेजा। छिंदवाड़ा के वाहनों को बाबई रोड से होकर जाने की सलाह दी गई।

छोटे वाहनों ने किया ज्यादा परेशान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा छोटे वाहन चालकों ने परेशान किया। दरअसल, एक ट्रक हटने के बाद सिंगल लाइन बनाकर कार, जीप, बाइक सवारों को धीरे-धीरे निकालने का काम रात 9:30 बजे से प्रारंभ कर दिया था। लेकिन कार चालक और बाइक चालक लाइन तोड़कर बीच से घुस जाते और दूसरी लाइन भी बना लेते। ऐसे में फिर जाम की स्थिति बन जाती। ऐसा कई बार हुआ और जाम खुलने में देरी का कारण भी यही बना। सभी को सिंगल लाइन बनाकर निकलने की सलाह दी जा रही थी लेकिन कई घंटे से फंसे होने के कारण कोई भी रुकने को तैयार नहीं था।

बायपास बनाकर निकाले वाहन
पुलिस ने जिस पुलिया पर वाहन टकराये थे, वहां नीचे से बायपास बनाकर वाहनों को निकाला है। छोटे वाहन जैसे कार, जीप, टैंपो, मोटर सायकिलों को पुलिस के नीचे तरफ से बायपास बनाकर निकाला। यह बहुत अच्छा हुआ कि मौसम साफ था और बारिश नहीं हो रही थी, अन्यथा पुलिया के नीचे से भी वाहन निकालना संभव नहीं हो पाता। ऐसा पहले कई बार हो चुका है जब बारिश के दिनों में ऐसी दुर्घटनाओं के वक्त दो-दो दिन तक मार्ग खोलने में लग जाते थे और इटारसी से बैतूल तक ऐसी कई संकरी पुलियाएं हैं, जिनके ऊपर से पानी जाता है, जिससे जाम लगा है।

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